ललितपुर। कस्बा बिरधा में कौमी एकता मुशायरे के दौरान यूपी रत्न प्राप्त राजेंद्र रजक को सम्मानित किया गया। उन्होंने कहा कि देश में सिर उठा रही सांप्रदायिकता शक्तियों के बीच कस्बावासियों की कौमी एकता की पहल सराहनीय है।
हाफिज हसन मोहम्मद ने कुरान की आयत से कार्यक्रम की शुरुआत की। शायर करीम असर ने शेर पढ़ा कि ‘बेटा नामी चोर है, बाप है पहरेदार, लोग कहें मजफूज है सर्राफा बाजार ’। शायर एमआर सोज, कृष्णकुमार बंजारा, बहन रूपलता शर्मा, एसआर शर्मा प्रेमी, कुलभूषण बेताव ने भी शेर पढे़। इसके उपरांत यूपी रत्न से सम्मानित राजेंद्र रजक का सम्मान किया गया। इस अवसर उन्होंने अपने कहा कि समाजसेवी शब्बीर खां मंसूरी ने कौमी एकता मुशायरे का आयोजन कर एक आदर्श स्थापित किया है। उन्होंने अपनी बात इस शेर को पढ़कर कही कि ‘अब तो कोई ऐसा मजहब चलाया जाए, जिसमें इंसान को इंसान बनाया जाए, अब तो गंगा और झेलम में आग बहती है, चलो कहीं दूर जाकर नहाया जाए ’। छत्रपति शिवाजी एमएसडी महाविद्यालय पाली के प्रबंधक विजय सिंह ने कहा कि देश में बेटी बचाओ का आंदोलन चल रहा है। किसान इंटर कालेज के प्रधानाचार्य आर के शर्मा ने कहा कि जिस देश में शिक्षा सर्वोपरि होगी, उस देश में जातिवाद, सांप्रदायिकतावाद व पूंजीवाद हावी नहीं होगा। ग्राम प्रधान प्रतिनिधि लक्ष्मीनारायण टोंटे ने कहा कि यदि गांव मजबूत होगा तो देश मजबूत होगा। चुन्नीलाल पांचाल ने ग्राम में गंगा जमुनी तहजीब की तारीफ की। बार पेश इमाम इस्राइल ने कहा कि मोहम्मद साहब के जन्म से पहले लड़कियों को दफन करने की परंपरा थी, लेकिन उनके जन्मोपरांत लड़कियों को पालने की परंपरा ने जन्म लिया और इस्लाम ने उसूल बनाया कि लड़कियाें को प्यार से पालकर शिक्षित बनाएं।
कार्यक्रम में अयूब खां, संतोष रजक, मनीराम पटेल, ताज खां, जाफिर खां, नसीर खां, शिवचरन चौबे, राजाराम तिवारी, उम्मेद खां पप्पू, इस्माईल खां, शमीम खां, वसीम खां, प्यार खां, विजय सिंह तोमर आदि उपस्थित रहे। अंत में शब्बीर खां मंसूरी ने सभी का आभार प्रकट किया।