ललितपुर। मंगलवार की रात से जनपद पर मेहरबान हुए इंद्र देवता की कृपा बुधवार को भी रही। झमाझम बारिश ने शहर को तरबतर कर दिया। उमस व गर्मी से लोगों को राहत तो मिली पर नगर पालिका की लापरवाही के कारण लोगों को जबरदस्त जलभराव का सामना करना पड़ा।
मानसून लेट होने के कारण लोगों को उमस व गर्मी का सामना करना पड़ रहा था। मंगलवार को दोपहर से लेकर देर रात्रि तक रुक- रुककर बारिश होती रही। बुधवार की सुबह भी आसमान में काले घने बादल छाए रहे। दोपहर लगभग एक बजे झमाझम बारिश का दौर शुरू हो गया। दो घंटे तक लगातार बारिश के पश्चात काफी देर तक रुक- रुककर रिमझिम फुहारें चलती रहीं, जिससे लोगों को गर्मी व उसम से राहत मिल गई। लेकिन, नगर पालिका परिषद अधिकारियों के सफाई को लेकर किए गए दावे जलभराव के सामने झूठे साबित हो गए। नाला व नालियों की सफाई नहीं होने की वजह से मुख्य मार्गों पर भी कई फुट पानी भर गया। जिला संयुक्त चिकित्सालय के सामने वाले मार्ग पर देर रात्रि तक जलभराव की स्थिति बनी रही, जिसकी वजह से मरीजों व तीमारदारों को समस्याओं का सामना करना पड़ा। लोग पानी से बचकर निकलने के प्रयास में गिरकर चुटहिल भी हो गए। मुख्य तुवन मंदिर चौराहे पर भी घंटों जलभराव की स्थिति बनी रही। लोगों को पानी के बीच से होकर गुजरना पड़ा। आफीसर्स हास्टल से सटे हुए मार्ग पर भी कई फुट पानी भर गया, इस कारण वाहन चालकों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ा। गलियों का भी बुरा हाल रहा। आजादपुरा, तालाबपुरा, लक्ष्मीपुरा, नईबस्ती सहित विभिन्न मुहल्लों की गलियों में घुटनों तक पानी घंटों भरा रहा।
बुआई की जागी उम्मीद
ललितपुर। लगातार दो दिन से हो रही बारिश ने किसानों को थोड़ी राहत पहुंचाई है। ग्रामीण इलाकों में किसान एक बार फिर से खरीफ फसल की बुआई में जुट गए हैं।