नाराहट (ललितपुर)। मंगलवार देर शाम आई आंधी ने ग्रामीण इलाकों में जमकर तबाही मचाई। महरौनी तहसील के कुछ गांवों में तो दर्जनों पेड़ धराशाई हो गए। पेड़ गिरने से दों भैसों की मौत हो गई, वहीं आधा दर्जन से अधिक बिजली के खंभे भी जमीन पर आ गिरे। घरों के बाहर लगे टीन शेड भी उड़कर दूर जा गिरे।
शाम छह बजे मौसम में अचानक परिवर्तन हुआ। कुछ दर तक तो ठंडी तेज हवाएं चलती रहीं लेकिन अचानक हवा की रफ्तार बहुत तेज हो गयी। अचानक आई आंधी ने किसी को भी संभलने का मौका नहीं दिया। ग्रामीण इलाकों में पेड़ उखड़कर दूर जा गिरे वहीं की स्थानों पर बिजली के खंभे भी टूटकर गिर गए। नाराहट के पास उमरिया गांव में आम व यूकेलिप्टिस के आठ पेड़ धराशाई हो गए। सरखड़ी में आम व यूकेलिप्टिस के 15 पेड़ जड़ से उखड़कर गिर गए। एक पेड़ तो दो भौसों पर जा गिरा, जिससे हरचरन कुर्मी की दो भैसों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। आंधी ने जमौरा में भी तबाही मचाई। यहां भी एक दर्जन पेड़ गिर गए। यहां 25 केवी ट्रांसफार्मर सहित दो खंभे जमीन पर गिर गए। वहीं, आठ अन्य बिजली के खंभे हवा के तेज झोकों को सहन नहीं कर सके। बिजली खंभों के धराशाई होने से आपूर्ति ठप हो गई। इसके अलावा कई घरों के बाहर लगे टीन शेड व छप्पर भी उड़कर दूर जा गिरे। आंधी से बचने के लिए लोग अपने घरों में दुबक गए और हवा के झोकों की रफ्तार कम होने पर ही लोगों ने राहत की सांस ली।