ललितपुर। नगर के लोगों का जलापूर्ति करने वाला जल संस्थान पेयजल की बर्बादी रोकने में नाकाम साबित हो रहा है। रेलवे एक पुल के दोनों ओर प्रतिदिन हजारों लीटर पानी बर्बाद हो रहा है। अन्य स्थानों के भी यही हाल हैं। इससे नेहरूनगर, नारायणपुरा, पठापुरा, विष्णुपुरा सहित अन्य इलाकों में बूंद-बूंद का संकट जारी है।
जल संस्थान नगर को अपर व लोअर जोन में बांटकर जलापूर्ति करने का काम करता चला आ रहा है। नगर के 9,646 उपभोक्ताओं के घरों तक पेयजल पहुंचाने के लिए जल संस्थान पहले पेयजल को शोधित करता है। गोविंद सागर बांध से आने वाले कच्चे पानी को शोधित प्लांटों में एलम व फिटकरी के माध्यम से शुद्ध किया जाता है। इसके बाद विद्युत मोटरों की सहायता से पानी की टंकी भरी जाती हैं। गर्मी शुरू होते ही जल संस्थान की पेयजलापूर्ति गड़बड़ा जाती है। इसके दो कारण हैं। एक तो पर्याप्त बिजली नहीं मिलने के कारण पानी की टंकियां पूरी नहीं भर पाती हैं। दूसरा कारण है पेयजल की बर्बादी। जल संस्थान के अफसर कभी अपनी पाइप लाइन की चैकिंग नहीं करवाते हैं। इस कारण उनको लीकेज की जानकारी नहीं हो पाती। हालात यह हैं कि अपरजोन को जाने वाली पाइप लाइन लंबे समय से प्रतिदिन हजारों लीटर पानी बर्बाद कर रही है। रेलवे एक पुल के पूर्वी व पश्चिमी ओर स्टैंड पोस्ट से लगातार पानी बह रहा है। इसको बंद करने का काम नहीं किया गया। लेड़ियापुरा में भी यही स्थिति है। इस कारण नेहरूनगर वार्ड नंबर चार व छह, गांधीनगर, चंडीमाता मंदिर सहित अन्य क्षेत्रों में संकट जारी है। गर्मी में लोग गला तर करने के लिए भटक रहे हैं। ऊंचाई वाले क्षेत्र नेहरूनगर के मुहल्लेवासी तो बूंद-बूंद पानी को तरस रहे हैं। लोअर जोन में अभिलाषा पेट्रोल पंप स्थित एक पैथोलाजी के सामने लगातार पानी बह रहा है। इसको भी रोकने का काम नहीं किया गया। इस कारण महावीरपुरा, सुभाषपुरा, विष्णुपुरा, रामनगर आदि में संकट जारी है। नारायणपुरा की पाइप लाइन में तीन दिन से पानी नहीं पहुंचा। लोग 500 मीटर दूर चौबयाना से पानी भरने को मजबूर हैं। जल संस्थान जल संकट वाले स्थानों पर टैंकर से पानी पहुंचा रहे हैं। लेकिन ये टेंकर एक गलियों में ही खत्म हो जा रहे हैं। गर्मियों में हैंडपंपों ने भी मुहल्लेवासियों का साथ छोड़ दिया है। इससे समस्या और बढ़ गई है।
इनका कहना है
बिजली नहीं मिलने के कारण समस्या खड़ी हो रही है। कई बार तो पर्याप्त वोल्टेज नहीं आने के कारण मोटरें नहीं चल पा रहीं हैं। रेलवे पुल के पास पानी की बर्बादी की जानकारी नहीं है। इसको दिखवाकर ठीक करवाने का काम किया जाएगा। लोगों तक पानी पहुंचाने के लिए हर संभव कोशिश की जाएगी।
आरएस चौधरी, अधिशासी अभियंता जल संस्थान