ललितपुर। थाना नाराहट पुलिस ने नौवीं कक्षा के नाबालिग छात्र पर मिनी गुंडा एक्ट की कार्रवाई कर दी, वहीं सातवीं कक्षा के छात्र को शांतिभंग की धाराओं में पाबंद कर दिया। मामला संज्ञान में आने पर एसडीएम सदर ने नाराहट पुलिस से स्पष्टीकरण तलब किया है।
साधारण मारपीट के मामलों में दो नाबालिग छात्रों को पुलिस ने अपराधी बनाने की तैयारी कर दी। नाराहट अंतर्गत ग्राम बेटना निवासी नौवीं कक्षा के छात्र दीपक पर मिनी गुंडाएक्ट की धारा 110 के तहत कार्रवाई की गई, वहीं ग्राम पठारी निवासी सातवीं कक्षा के छात्र रिंकू उर्फ रिसात पुत्र हरचरन को शांतिभंग की आशंका के चलते 107/116 के तहत पाबंद कर दिया। इतना ही नहीं विभागीय उच्चाधिकारियों की संस्तुति के बाद कार्रवाई से संबंधित अभिलेख एसडीएम न्यायालय भेज दिए गए। इसके बाद दोनों आरोपियों के खिलाफ सम्मन जारी हुआ। बृहस्पतिवार को अभिभावकों ने दोनों छात्रों को एसडीएम सदर जीआर राठौर के समक्ष पेश किया। दीपक के पिता प्रेम ने अपने बयान दर्ज कराते हुए बताया कि उसके पुत्र की उम्र महज 14 वर्ष है और हरचरन ने अपने पुत्र की उम्र 13 वर्ष बताई। मामले को गंभीरता से लेते हुए एसडीएम ने नाराहट थाना पुलिस की न सिर्फ क्लास ली, बल्कि स्पष्टीकरण भी तलब कर लिया। यह मामला एसडीएम सदर न्यायालय परिसर में चर्चा का विषय बना रहा।
‘नाबालिग बच्चों के खिलाफ प्रस्तुत किए गए अभिलेख वापस थाने भेजकर पुलिस को पुन: सत्यापन के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही स्पष्टीकरण भी मांगा गया है। संतोषजनक जवाब न मिलने पर संबंधित के खिलाफ कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।’
जीआर राठौर, एसडीएम सदर, ललितपुर।
‘मारपीट के मामलों में थाने में पदस्थ दारोगा एवं बीट कांस्टेबिल को जांच के लिए मौके पर भेजा गया था। इस मामले में उनकी भूमिका की समीक्षा जा रही है। जिसके आधार पर उच्चाधिकारियों को रिपोर्ट भेजी जाएगी।’
लाल बहादुर सिंह, थानाध्यक्ष नाराहट, ललितपुर।