ललितपुर। दस दिनों तक सामान्य रहने के बाद मौसम ने सोमवार की देर शाम फिर से करवट बदली। आसमान में छाए घने बादल ऐसे बरसे कि किसानों को खेत पर काटकर रखी गई गेहूं की फसल उठाने का मौका तक नहीं मिला। तेज आंधी के साथ जोरदार बारिश ने एक बार फिर फसल को नुकसान पहुंचाया है।
26, 27 फरवरी के बाद 11 व 12 मार्च के बाद सोमवार शाम एक बार फिर से प्रकृति ने रौद्र रूप धारण कर लिया। आसमान में घने काले बादल छा गए और तेज हवाओं के साथ जोरदार बारिश शुरू हो गई। खेतों में काटकर थ्रेसिंग के लिए रखी गई गेहूं की फसल को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने के लिए जब तक किसान खेत तक पहुंचता बारिश अपना काम कर चुकी थी। दसरारा, बछरावनी, बम्हौरीसेना, चिगलौआ, मिर्चवारा, सेमरा भागनगर, पाली, जाखलौन, धौर्रा, बिरधा, बछलापुर, छटवार सहित विभिन्न इलाकों में लगभग एक घंटे तक तेज हवाओं के साथ जोरदार बारिश होती रही। इससे खेतों में तैयार खड़ी गेहूं की फसल भीग गई। इस बारिश से किसान फसलों को नुकसान बता रहे हैं। इधर, नगर में भी तेज हवाओं ने यातायात व्यवस्था प्रभावित हो गई। कुछ देर बाद बारिश थम गई। कई स्थानों पर बिजली के तार टूटने से विद्युत आपूर्ति प्रभावित हो गई।