ललितपुर। राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना निगरानी समिति की बैठक में मनरेगा मजदूरों को काम नहीं मिलने पर गहरी चिंता व्यक्त की गई। वक्ताओं ने आरोप लगाया कि मनरेगा में काम नहीं मिलने से परेशान होकर कई मजदूर या तो पलायन कर गए हैं या फिर पलायन करने का मन बना चुके हैं। इसके बाद भी जिम्मेदार अफसर इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं।
प्रदेश संयोजक जसपाल सिंह बंटी ने आरोप लगाया कि मनरेगा अंतर्गत खोदे गए अनेकों कूप अधूरे पडे़ हैं। यही नहीं, काम देने के नाम पर कागजी कोरम पूरा किया जा रहा है। वर्तमान में कोई भी अधिकारी, कर्मचारी मजदूरों की सुनने के लिए तैयार नहीं है। अध्यक्षता कर रहे जगदीश राय ने कहा कि जिन मजदूरों ने फार्म जमा कराए थे, उन्हें काम नहीं दिया गया है। मनरेगा के नियमों की खुलेआम धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि मनरेगा में मजदूरों को काम नहीं मिला तो निगरानी समिति सड़कों पर उतरने को बाध्य हो जाएगी।
बैठक में तहसील प्रभारी मुकेश रजक, ब्लाक प्रभारी जितेंद्र विश्वकर्मा, प्रदीप श्रीवास्तव, श्रीराम राय, हीरालाल जैन, लक्ष्मन यादव, लकी दुबे, छोटू राय, राजू सेन, चतुर्भुज, सीताराम, दिनेश विश्वकर्मा, रामसेवक, लखनलाल, पार्वती झा, रानी राजपूत, मीना राजपूत आदि उपस्थित रहे। संचालन बिट्टू राजा परमार ने किया।