ललितपुर। दीपों के त्यौहार पर कमल के फूलों का बाजार दिन भर महकता रहा। पांच व दस रुपये में छोटे बड़े फूलों की खरीददारी करने के लिए लोगों की खासा भीड़ पुष्पों की दुकान पर देखने को मिली।
मालूम हो कि दीपावली के त्यौहार पर मंगलवार की शाम घरों में मां लक्ष्मी की विशेष पूजा अर्चना की गई। मां लक्ष्मी का सबसे प्रिय फूल कमल है। इस दिन ये फूल मांग के चरणों में चढ़ाया जाता है। यही कारण है कि सामान्य दिनों में पांच रुपए में तीन फूल मिल जाते थे लेकिन मंगलवार को कमल के दामों में तेजी आई और यह पांच से दस रुपए प्रति पुष्प बाजारों में मिला। महंगाई का असर होने के बाद भी लोगों ने मां लक्ष्मी जी की पूजा अर्चना करने के लिए बड़े पैमाने पर कमल के फूल खरीदे। मार्केट में दिन भर फूलों का बाजार महकता रहा। फूल विक्रेताओं का कहना है कि एक दिन में हजारों फूलों की बिक्री हुई, जिससे उनको खासा लाभ हुआ है।
आठ सिद्धियों का दाता कमल
ललितपुर। नेहरू महाविद्यालय के प्राचार्य व संस्कृत विभागाध्यक्ष डा. ओमप्रकाश शास्त्री ने बताया कि कमल का पुष्प और लक्ष्मी दोनों का जन्म समुद्र से हुआ है। इस कारण मां लक्ष्मी को कमल का पुष्प बेहद प्रिय है। कमल पर विराजमान सात्विक माता लक्ष्मी को यह पुष्प बहुत प्रिय है। इसके अर्पण करने से वे प्रसन्न होती हैं। कमल के पुष्प में आठ प्रकार की पंखुड़ियां हैं। इनसे अणिमा, महिमा, गरिमा, लघिमा, प्राप्ति, प्रकाम्य, इसित्य, वसित्य आदि आठ प्रकार की सिद्धियों की प्राप्ति होती है। अत: गृहस्थ जीवन में कमल के पुष्प को चढ़ाकर मां लक्ष्मी की सेवा करने से सभी प्रकार के मनोरथ की प्राप्ति होती है।