ललितपुर। धनतेरस पर्व पर नगर के बाजार गुलजार रहे। महंगाई के बावजूद व्यापार पिछले साल की तुलना में बराबर रहा। सर्राफा को छोड़कर अन्य सामानों के अधिकतर दुकानदारों को ग्राहकों की मंदी झेलनी पड़ी। जबकि, सराफा बाजार में चांदी के नये सिक्कों की जमकर बिक्री हुई।
दीपावली से पहले महत्वपूर्ण पर्व धनतेरस सामानों की खरीददारी के लिए जाना जाता है। धनतेरस पर व्यापारी अपने घर पर कुछ न कुछ नया सामान जरूर लाता है, इससे व्यापारी वर्ग अपनी आय को लेकर उत्साहित रहता है। ग्राहकों की मांग को दृष्टिगत रखते हुए नगर के प्रमुख लोहा पीतल बाजार, सर्राफा बाजार के साथ-साथ इलेक्ट्रिॉनिक्स सामान के व्यापारियों की दुकानों में रंगत देखी गई। महंगाई के बावजूद बाजारों भी ग्राहकों की काफी चहल पहल रही। धनतेरस पर सर्राफा व्यापार चमक उठा। सोने चांदी की दुकानों पर जबरदस्त भीड़ रही। अधिकतर लोगों ने आभूषणों की खरीददारी की। सोने की बिक्री पिछले वर्ष की तुलना में 40 प्रतिशत रही, वहीं देर शाम तक चांदी के सिक्के व आभूषण की बिक्री 80 प्रतिशत अधिक हो गई थी। दुकानदारों का कहना है कि गत वर्ष की तुलना इस वर्ष सराफा व्यवसाय लाभ पर रहा है। चांदी के सिक्के लेने के लिए दोपहर से ही ग्राहकों की भीड़ लगी रही। वहीं टीवी, फ्रिज, कंप्यूटर, वाशिंग मशीन आदि की बिक्री में मंदी रही।
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सबसे कमजोर रहा कपड़ा व्यवसाय
दीपावली के पर्व को लेकर कपड़ा व्यापारी भी अच्छी बिक्री की उम्मीद लगाये हुए थे, लेकिन शुरूआती दौर में कपड़ा व्यापारियों को मायूसी हाथ लगी है। व्यापारियों का कहना है कि इससे अधिक दुकानदारी शादी के समय होती है। बच्चों के कपड़ों की दुकानों पर जरूर भीड़भाड़ दिखाई दी।
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पुलिस व्यवस्था रही चौकस
धनतेरस व दीपावली के मौके पर अप्रिय घटना से निपटने के लिए पुलिस व प्रशासन की ओर से नगर में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। त्योहारों के मद्देनजर भारी वाहनों को नगर में प्रतिबंधित कर दिया गया। दोपहिया वाहनों तक को घंटाघर से आगे नहीं जाने दिया गया। वहीं, दूसरी ओर जगह-जगह तैनात पुलिस के जवान यातायात व्यवस्था को नियंत्रित करने में व्यस्त रहे। जिलाधिकारी रणवीर प्रसाद एवं पुलिस अधीक्षक जितेंद्र प्रताप सिंह लगातार बाजार का भ्रमण कर हालातों का जायजा लेते रहे।
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आकर्षण का केंद्र रहा इलेक्ट्रानिक्स चूल्हा
महंगाई के दौर में घरेलू गैस के दाम आसमान छूने से बाजार में इलेक्ट्रॉनिक्स चूल्हा आकर्षण का केंद्र रहा। अधिकांश दुकानों पर उनकी विशेष मांग रही।