ललितपुर। विकासखंड तालबेहट अंतर्गत पांच विद्यालयों के हेडमास्टरों को रेडीमेड ड्रेस का वितरण करना महंगा पड़ गया। बेसिक शिक्षा अधिकारी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए उनका वेतन रोक दिया है। इस संबंध में उनको स्पष्टीकरण नोटिस भी थमा दिया गया है।
परिषदीय विद्यालयों की छात्र छात्राआें को ड्रेस वितरित करने के लिए करीब सात करोड़ रुपये अवमुक्त हुए हैं। इतनी बढ़ी राशि को देख ठेकेदारों ने रेडीमेड ड्रेस वितरण का तानाबाना बुन लिया था। हालांकि जिलाधिकारी रणवीर प्रसाद के सख्त तेवरों से ठेकेदारों के मंसूबों पर पानी फिरता दिख रहा था लेकिन, इसी दौरान जिलाधिकारी अचानक लंबे अवकाश पर चले गए। कुछ ठेकेदारों ने इस मौके का फायदा उठाने के लिए विद्यालयों में रेडीमेड ड्रेस के बंडल डालने प्रारंभ कर दिए। कई खंड शिक्षा अफसरों ने इस सूचना को पाकर ऐसे विद्यालयों से ड्रेस के बंडल हटवा दिए। लेकिन, खंड शिक्षा अधिकारी तालबेहट जगत सिंह राजपूत ग्राम कंधारीकलां, उगरपुर, झावर, भैसनवाराकलां के विद्यालयों में रेडीमेड वितरण को नहीं रोक सके। इस पर उन्होंने चिह्नित विद्यालयों के नाम सहित आख्या कार्रवाई के लिए बीएसए को भेजी दी। बीएसए विनोद कुमार मिश्रा ने कार्रवाई करते हुए पांचों विद्यालयों के हेड मास्टरों का वेतन रोक दिया, साथ ही उन्हें नोटिस भी दे दिया। बीएसए का कहना है कि रेडीमेड ड्रेस का वितरण कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जिन शिक्षकों ने रेडीमेड ड्रेस का वितरण कराया है, उन शिक्षकों को अपने खर्चे पर ड्रेस सिलवाना होगी।
तीन सदस्यीय समिति गठित
ललितपुर। परिषदीय विद्यालयों में वितरित हो रही ड्रेस का सत्यापन करने को तीन सदस्यीय समिति का गठन कर दिया गया है। बीएसए ने इस कार्य के लिए जिला समन्वयक अहिवरन सिंह, बीके रिछारिया व कमलेश कुमार को नामित किया है। सत्यापन के बाद ही संबंधित टेलर व कपड़े का भुगतान हो सकेगा।