अमान्य स्कूलों के लिए कवच बन रहे मान्यता प्राप्त कालेज
अमर उजाला ब्यूरो
ललितपुर। जिले में अमान्य स्कूलों का मकड़जाल छिन्न-भिन्न होता दिखाई नहीं दे रहा है। ऐसा इसलिए क्योंकि कई मान्यता प्राप्त विद्यालय उनके ढाल बन गए हैं। इसके कारण विभागीय कार्रवाई थोथी साबित हो रही हैं।
जिलाधिकारी मानवेंद्र सिंह ने अमान्य स्कूलों के संचालन पर रोक लगाने के लिए विभागीय अधिकारियों को कई बार निर्देशित किया। इसके चलते कुछ अमान्य स्कूलों पर कार्रवाई हुई लेकिन कई तो कोचिंग का पंजीयन कराकर विभागीय कार्रवाई से बच निकले। यही नहीं, इन विद्यालयों के प्रबंधकों ने अध्ययनरत छात्र/छात्राओं का पंजीयन मान्यता प्राप्त विद्यालयों में करा दिया है, जिससे कि उन्हें आगे की कक्षाओं में प्रवेश की समस्या उत्पन्न न हो। इस खेल में मान्यता प्राप्त एवं अमान्य विद्यालयों के प्रबंधकों के बारे न्यारे हो रहे हैं। हाल ही में कक्षा नौ व ग्यारह के पंजीकरण की प्रक्रिया अपनाई जा रही है। इसमें भी कई मान्यता प्राप्त विद्यालयों के प्रबंधकों ने आगे आते हुए अमान्य स्कूलों के अध्ययनरत छात्र/छात्राओं का पंजीकरण विभाग में करा दिया है। इससे कई मान्यता प्राप्त विद्यालयों में दर्ज छात्र/छात्राओं की संख्या में अचानक बढ़ोत्तरी हो गई है जो चर्चा का विषय बन गया है। यह बात विभागीय अधिकारियों केब संज्ञान में आ गई है। जिला विद्यालय निरीक्षक ने इसकी छानबीन शुरू कर दी है। इस सूचना को पाकर कई अमान्य स्कूलों के प्रबंधक बचावमुद्रा में आ गए हैं।
अमान्य स्कूलों की कराई जा रही जांच
जिले में अमान्य स्कूलों की जांच के लिए पहले से टीमें गठित हैं जो कार्रवाई कर रही हैं।
रामशंकर, जिला विद्यालय निरीक्षक
बेसिक में भी कार्रवाई शिथिल
बेसिक शिक्षा के अंतर्गत भी तमाम अमान्य स्कूल संचालित हो रहे हैं। पिछले दिनों का इनका चिह्नींकरण खंड शिक्षा अधिकारियों द्वारा किया गया। इसके बाद भी उन पर ठोस कार्रवाई नहीं हो सकी। इससे अमान्य स्कूलों के प्रबंधकों के हौसलें बुलंद बने हुए हैं।