मर्दन सिंह के बलिदान दिवस पर साहित्यकार सम्मानित
बानपुर (ललितपुर)। कस्बे के जीवन शिल्प इंटर कॉलेज बानपुर में अखिल भारतीय बुंदेलखंड साहित्य और संस्कृति परिषद की जिला इकाई के तत्वाधान में महाराजा मर्दन सिंह के बलिदान दिवस पर साहित्यकारों को सम्मानित किया गया।
प्रदेश के श्रम सेवायोजन मंत्री मनोहरलाल पंथ मन्नू कोरी ने कहा कि बानपुर नरेश ने स्वतंत्रता की लड़ाई में हिस्सा लिया। भाजपा प्रशिक्षण विभाग के जिला संयोजक आशीष रावत ने कहा कि अब महाराजा मर्दन सिंह की विरासत संभालना हमारी जिम्मेदारी है और बानपुर के नागरिक होने के नाते हमारा भी कुछ नैतिक दायित्व है। कैलाश मड़वैया ने कहा कि बानपुर नरेश ने अपने मित्र शाहगढ़ नरेश राजा बखत बली सिंह के साथ मिलकर अंग्रेजों के दांत खट्टे कर दिये थे। कुछ गद्दारों की मुखबिरी से उन्हें अंग्रेजों ने आगरा व मुरार के जंगलों से बंदी बनाकर लाहौर जेल भेज दिया। बाद में अस्वस्थ होने पर इन्हें वृंदावन जेल लाया गया। वहीं पर इस भारत माता के वीर सपूत का देहावसान हो गया। इस मौके पर उपस्थित समुदाय ने बानपुर बस स्टैंड पर महाराजा मर्दन सिंह की भव्य प्रतिमा लगाने का आग्रह किया। मंत्री मनोहरलाल ने उन्हें जल्द पूरा करने का आश्वासन दिया। इस मौके पर कवि सम्मेलन में श्रोताओं को हिंदी व बुंदेलखंडी भाषा में कविताएं सुनाई गई। इससे पहले सर्वप्रथम समस्त उपस्थित मंचासीन अतिथियों द्वारा महाराजा मर्दन सिंह के चित्र पर श्रृद्धासुमन अर्पित किए। इसी कड़ी में बानपुर को साहित्य के क्षेत्र में राष्ट्रीय परिदृश्य में पहचान दिलाने वाले व विद्रोही बानपुर, बुंदेलखंड का गौरव जैसी रचनाओं का सृजन कर महाराजा मर्दन सिंह को आज के युवाओं से परिचित करवाने वाले प्रख्यात साहित्कार बानपुर निवासी कैलाश मड़वैया के 75 वे जन्मोत्सव पर हीरक जयन्ती का आयोजन किया गया। इसके उपरांत छात्र जीवन के लिए उपयोगी जीवन शिल्प जीवन सूत्र और होलिस्टिक स्कूल डायरी का विमोचन समस्त मंचासीन अतिथियों द्वारा किया गया। इस मौके पर मर्दन सिंह के वंशज गोविंद सिंह जू देव बुंदेला, बाबूलाल द्विवेदी, पूर्व प्रधान अखिलेश जैन, ग्राम प्रधान प्रतिनिधि राहुल राजा, पूर्व प्रधान अखिलेश जैन, अतुल गुप्ता, गोविंद सिंह जू देव, राजेंद्र सिंह परमार, सगुनदास रैकवार, दुर्गेश दीक्षित उपस्थित रहे। संचालन संयुक्त रूप से डॉ. जवाहर लाल शर्मा एवं कवि पंकज अंगार ने किया।