सूखी ओडी नदी में खोजी जा रही पानी की झिर
नदी में खुदाई के लिए चिह्नित किए 48 प्वाइंट
अमर उजाला ब्यूरो
ललितपुर।
विकासखंड मड़ावरा अंतर्गत मदनपुर क्षेत्र से निकली सूखी ओडी नदी को नया जीवन देने की तैयारी शुरू हो गई है। इसमें पानी की झिर तलाशी जा रही है। इसके लिए जिला प्रशासन ने खुदाई के 48 प्वाइंट चिह्नित कर लिए हैं। इस काम को 10 जून तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
पिछले कई वर्षों से जिले में औसत से कम बारिश हो रही है। इससे प्राचीन जल स्रोतों में पानी ठहर नहीं पा रहा है। गर्मियों के दिनों में तमाम नदी, नालों की धार टूट जाती है। इनमें से एक मदनपुर क्षेत्र से निकली ओडी नदी भी शामिल है। यहां का क्षेत्र पथरीला है, जिससे पानी गर्मियों के सीजन तक रुक नहीं पाता है। हालांकि, इस नदी के बहाव को तेज करने में मदनपुर का तालाब काफी मददगार साबित होता है, लेकिन गर्मी आते-आते तालाब का भी पानी सूख जाता है। वर्तमान में नदी को पुनर्जीवित करने की संभावनाएं अभी बनी हुई हैं, क्योंकि इसमें मिक्स फ्रेक्चर (ढलान एवं मोड़) हैं। ग्रामीणों द्वारा बताया गया कि यदि इस नदी की खुदाई करवा दी जाए तो इसकी झिरें खुल जाएगी और नदी में पानी का बहाव होने लगेगा। बीते दिनों जनपद भ्रमण पर आए जलपुरूष राजेंद्र सिंह ने इसे महसूस किया। उन्होंने ओडी नदी को पुनर्जीवित करने का आग्रह किया। जिसे डीएम मानवेंद्र सिंह स्वीकार कर लिया। इस कार्य में सिंचाई विभाग, वन विभाग के अफसरों ने पूरा सहयोग करने का भरोसा दिया है। मनरेगा के तहत इसका एस्टीमेट तैयार किया जा रहा है। वहीं, मानसून को देखते हुए इसकी खुदाई का काम चालू कर दिया गया है। नदी में खुदाई के लिए 48 प्वाइंट चिह्नित किए गए हैं। इनमें दो से तीन मीटर तक की खुदाई की जाएगी। इसके अलावा जो नदी के आसपास तालाब हैं, उनकी खुदाई की भी योजना है। इस नदी के पुनर्जीवित होने से आसपास की चार ग्राम पंचायतों को इसका सीधा लाभ मिलेगा।
किसानों के फायदेमंद साबित होगी ओडी नदी
ओडी नदी के पुनर्जीवित होने से फसलों की सिंचाई करना किसानों के लिए आसान हो जाएगा। वहीं, भूगर्भ जल स्तर की स्थिति में भी सुधार होगा।
मानवेंद्र सिंह, जिलाधिकारी ललितपुर।