ललितपुर। वर्तमान में वार्षिक परीक्षाएं और यूपी बोर्ड परीक्षाएं चल रही हैं। परीक्षा में अच्छे अंकों से उत्तीर्ण होने के लिए परीक्षार्थी दिन-रात पढ़ाई कर कड़ी मेहनत कर रहे हैं, ऐसे में शहर में देर रात तक बज रहे लाउडस्पीकर व डीजे पढ़ाई में खलल डाल रहे हैं। पुलिस व जिला प्रशासन के पास इन लाउडस्पीकर व डीजे की तेज ध्वनि मापने का भी कोई यंत्र नहीं है, इससे लागातार हाईकोर्ट के निर्देशों व मानकों की अवहेलना हो रही है।
वर्तमान में लगभग सभी कक्षाओं की वार्षिक परीक्षाओं का दौर चल रहा है हाईस्कूल व इंटरमीडिएट की यूपी बोर्ड परीक्षाएं भी चल रही हैं। वार्षिक परीक्षाओं में अच्छे अंक हासिल करने के लिए सभी विद्यार्थी इन दिनों खूब मन लगाकर पढ़ाई कर रहे हैं। शादी-विवाह का सीजन भी चल रहा है। इन समारोहों में बिना किसी रोकटोक के लाउडस्पीकरों व डीजे का उपयोग किया जा रहा है। तेज आवाज में व देर रात तक बजने वाले इन डीजे व लाउडस्पीकरों से विद्यार्थी की पढ़ाई में बाधा पैदा हो रही है। विद्यार्थियों का इस पर जोर नहीं चल रहा है वह केवल मन मसोस कर रह जाते हैं। इस समस्या के पीछे का मुख्य कारण जिला प्रशासन व पुलिस प्रशासन दोनों की ही लापरवाही है। शहर में लगभग आधा सैकड़ा विवाह घर व मैरिज गार्डन हैं, लेकिन इनमें से किसी का भी प्राधिकरण विभाग से मानचित्र स्वीकृत नहीं हैं और इन पर प्राधिकरण व जिला प्रशासन भी खूब महरबान है। यही वजह है कि शहर के मुख्य मार्गों के किनारे व शहर की घनी आबादी वाले इलाकों में धड़ल्ले से विवाह-घर व मैरिज गार्डन संचालित हो रहे हैं और इनमें आयोजित होने वाले समारोह में तेज बजने वाले लाउडस्पीकरों व डीजे से आस-पास रहने वाले लोगों को समस्या पैदा हो रही है। इसके अलावा इन विवाह घरों में वाहन पार्किंग की सुविधा नहीं होने से भी राहगीरों व स्थानीय लोगों को तमाम समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।
बिना मापयंत्र के कैसे मापें लाउडस्पीकर की तेज ध्वनि
हाईकोर्ट ने रात 10 बजे से सुबह 06 बजे तक लाउडस्पीकर व डीजे बजाने के लिए रोक लगाई है। इसके अलावा बांकी समय में भी लोगों की सुविधा व रोगियों की समस्याओं को देखते हुए ध्वनि की तीव्रता का मानक भी निर्धारित किया है। नियमानुसार पचास डेसीबल से अधिक आवाज की अनुमति नहीं दी जाती है, जबकि पुलिस प्रशासन व जिला प्रशासन के लिए यह मानक मापने के लिए कोई यंत्र ही नहीं है। ऐसे में काफी तेज आवाज में लाउडस्पीकर व डेजी बजाए जा रहे हैं, जो समस्या बन रहे हैं।
नहीं कोई मापयंत्र
लाउडस्पीकर की ध्वनी को पाने के लिए विभाग के पास कोई मापयंत्र नहीं है। डेजी संचालकों को निर्देशित किया गया है कि वह कम ध्वनि में ही लाउडस्पीकर बजाएं।
-हिमांशु गौरव, सदर क्षेत्राधिकारी, ललितपुर।