राजनीति से प्रेरित बताया आम बजट
ललितपुर। केंद्र सरकार के आम बजट को अधिकांश लोगों ने राजनीति से प्रेरित बताया। मध्यम वर्गीय लोगों को इस बजट से आम जरूरत की वस्तुओं पर, तो छोटे व्यापारियों टैक्स में राहत की उम्मीदें रहीं। लेकिन, मध्यम वर्गीय लोगों ने बजट से बहुत ज्यादा संतुष्टि नहीं जताई। राजनीतिक विपक्षी पार्टियों के पदाधिकारियों ने इस बजट को 2019 के चुनाव से प्रेरित बजट बताया और वित्तमंत्री पर बुंदेलखंड की उपेक्षा का आरोप भी लगाया। विपक्षी राजनीतिक पार्टियों ने किसानों के हित में बजट की बात को छलावा होना जैसा बताया है। आम लोगों, गृहणियों, व्यापारियों व राजनेताओं के चर्चा के दौरान सभी ने अपनी मिलीजुली प्रतिक्रिया दी। जहां किसी ने इस बजट को मध्यम वर्ग के लोगों के लिए कुठाराघाट होना बताया, तो किसी ने सिर्फ नेताओं व बड़े कारोबारियों का बजट करार दिया है।
डिजीटल पढ़ाई व शिक्षा की नई नीति अच्छा कदम
स्कूलों में डिजीटल पढ़ाई और नई नीति अच्छा कदम है। शिक्षा के क्षेत्र में बजट में नई नीति लागू होने और डिजीटल पढ़ाई से बच्चों के मनोस्थिति पर खासा असर पड़ेगा। बच्चों को अनिवार्य पढ़ाई से गरीब तबके के बच्चों को लाभ तो होगा, लेकिन तकनीकि समस्याएं अब भी बनी हुई हैं।
नेहा शर्मा प्रिंसीपल, सेंट्रल पब्लिक स्कूल।
उम्मीदों पर खरा नहीं आम बजट
केंद्र सरकार द्वारा आम बजट में किचिन पर खासा असर पड़ेगा। घर गृहस्थी की वस्तुओं के साथ गैस के दाम कम तो नहीं हुए, लेकिन कई प्रकार के टैक्स लगाने से इनमें हर वर्ष वृद्धि ही हो रही है। इससे किचिन का बजट गड़बड़ा जाता है। जिस पर बजट में कोई खास घोषणा नहीं होने से निराशा हुई है। बच्चों के बस्तों का बोझ कम करने के बजाय और नई तकनीक लाने से फीस में वृद्धि होगी, जिसे हर कोई नहीं झेल सकता।
राखी तिवारी, ग्रहणी, गांधीनगर।
छोटे व्यापारियों को बजट में राहत नहीं
मध्यम वर्गीय और छोटे व्यापारियों को आम बजट से काफी उम्मीदें थीं, लेकिन बजट में छोटे और मंझोले व्यापारियों की अनदेखी की गई है। यह बजट से मध्यम वर्ग के लिए राहत नहीं मिली है। इनकम टैक्स स्लैब में भी राहत नहीं मिली है। इसके साथ ही इनकम टैक्स में सेस बढ़ाने से मध्यम वर्ग पर और अधिक बोझ बढ़ेगा। पूरा का पूरा बजट 2019 के चुनाव प्रेरित नजर आता है।
सुधीर श्रीवास्तव, व्यापारी।
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किसान हित में बजट स्वागत योग्य
इस बार का बजट सरकार द्वारा किसान हित में कई योजनाएं शुरू की गई हैं, जिससे किसानों की आय दोगुनी हो सके। इसके चलते यह बजट स्वागत योग्य है। लेकिन मध्यम वर्ग के लोगों को बजट में कोई खास राहत नहीं है, साथ ही छोटे उद्योग और व्यापारियों के लिए सरकार द्वारा बजट में खास घोषणा नहीं की गई है।
अशोक जैन, अनौरा।
काम कम और जुमलेेबाजी ज्यादा
इस बार के आम बजट में किसानों को कोई राहत नहीं दी गई है। डीजल के दामों को कम नहीं किया गया है। फसलों के रेट भी नहीं बढ़ाए गए हैं। एक पानी की बोतल तो बीस रुपये की बाजार में उतारी जाती है, लेकिन किसानों को उनकी फसल का सही दाम नहीं दिया गया है।
ज्योति लोधी, जिलाध्यक्ष समाजवादी पार्टी।
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आम जनता के हित का नहीं बजट
इस बार पेश किए गए बजट में आम जनता की शासन द्वारा अनदेखी की गई है। सिर्फ अमीरों और बड़े उद्योगपतियों को खुश करने का प्रयास किया गया है। यह बजट आम लोगों और मध्यम वर्गीय लोगों के हित को देखते हुए नहीं बनाया गया है।
कैलाश नारायण कुशवाहा, जिलाध्यक्ष बहुजन समाज वादी पार्टी।
बुंदेलखंड की हुई उपेक्षा
बुंदेलखंड को बजट में कहीं भी तरजीह नहीं दी गई है। बजट में किसानों के हित की बात धरातल पर कहीं नहीं है। आम लोगों व किसानों को बजट में सिर्फ लुभावने वादे ही किए जा रहे हैं, इनके हित की कहीं भी बात नहीं की गई। मध्यम वर्ग और छोटे व्यापारियों की भी बजट में अनदेखी की गई है।
दुर्गा प्रसाद कुशवाहा, जिलाध्यक्ष कांग्रेस।
गरीबों व किसान हित में है पूरा बजट
2022 तक किसानों की आय दोगुनी करने के लिए योजनाएं लागू की गई हैं। इनकम टैक्स स्लैब में कोई बदलाव नहीं किया गया है, जिससे सभी को लाभ होगा। उज्ज्वला योजना में पांच करोड़ से बढ़ाकर आठ करोड़ का बजट जारी किया गया है। बजट में बुंदेलखंड को भी फोकस किया गया है, जो बजट की कॉपी मिलने पर साफ हो सकेगा।
रामरतन कुुशवाहा, सदर विधायक, ललितपुर।
बुंदेलखंड को बजट से थीं बहुत उम्मीदें
बुंदेलखंड में रोजगार को बढ़ावा देने के लिए युवाओं को उम्मीद रही है, जिसकी तस्वीर इस बजट में फिलहाल कहीं भी स्पष्ट नजर नहीं आ रही है। ललितपुर में प्रस्तावित रेल नीर प्लांट भी जनपदवासियों से पहले ही छिन गया है। वहीं पर्यटन के क्षेत्र में भी विकास के लिए कोई खास घोषणा बुंदेलखंड के लिए नहीं की गई है। साथ ही जनपदवासियों को इस बजट में नई ट्रेनों की घोषणा होने की भी उम्मीद रही थी, जिसमें ललितपुर-खजुराहो रेल खंड पर नई ट्रेनों के संचालन शुरू होने की भी संभावना थी, लेकिन इस बजट में ऐसी कोई खास घोषणा नहीं होने से लोगों को निराशा ही हाथ लगी है। वर्तमान में ललितपुर-खजुराहो रेल रूट पर मात्र दो सवारी ट्रेनें ही संचालित हो रही है।