महीनों से बंद पड़ा सामुदायिक शौचालय
बड़ी संख्या में लोग शहजाद नदी के पास खुले में जाते हैं शौच
अमर उजाला ब्यूरो
ललितपुर। नगर पालिका परिषद के अंतर्गत वार्ड नंबर चौबीस लक्ष्मीपुरा के वाशिंदे सामुदायिक शौचालय का निर्माण होने के बाद चालू नहीं होने से नाराज हैं। वहीं, सड़क, नाली की साफ-सफाई, परिवहन व्यवस्था व अतिक्रमण बड़ी समस्या बनकर उभरी है।
शहर में जब से वनवे व्यवस्था शुरू हुई है, तब से मुहल्ला लक्ष्मीपुरा में वाहनों का दबाव बढ़ गया है। यहां की मुख्य सड़क बारह में करीब दस घंटे व्यस्त रहती है। कई बार तो जाम जैसे हालात बन जाते हैं। इसमें स्थानीय लोगों को इससे जूझना पड़ता है। वहीं, खुले में शौच की समस्या का निदान नहीं हो पा रहा है। डा. राजकुमार की हास्पिटल के पास सामुदायिक शौचालय की मरम्मत करा दी गई है, लेकिन नगर पालिका के अधिकारी इसे अब तक चालू नहीं करा सके हैं। इससे तमाम परिवारों के सदस्यों को शहजाद नदी के पास खुले में शौच के लिए जाना पड़ता है। इसके अतिरिक्त टैक्सी स्टैंड, अतिक्रमण गंभीर समस्या बनी हुई है।
व्यवस्थित किया जाए टैक्सी स्टैंड
शहर का समुचित तरीके से विकास नहीं हुआ है। मेन सड़क पर ही टैक्सी स्टैंड संचालित होने लगा है। इस वजह से लोगों को आवाजाही में परेशानी होती है, साथ ही दुर्घटना की भी संभावना रहती है। जो चेयरमैन बने वह टैक्सी स्टैंड को व्यवस्थित करें और सड़क निर्माण, मार्ग प्रकाश व्यवस्था एवं साफ-सफाई करें।
आनंद शर्मा
दुकानदार
खंभों के अभाव में लटक रहे बिजली के तार
डा. राजकुमार के हास्पिटल के पास से आगे बिजली के खंभे नहीं हैं। इस वजह से बिजली की तार यूं ही झूलते रहती है। कई बार इनमें फाल्ट हो जाता है। दो पंचवर्षीय से यह समस्या जस की तस बनी है। स्वच्छ भारत कार्यक्रम में महज औपचारिकता की जा रही है। ऐसा चेयरमैन चाहिए जो अपने लिए कम और शहर के लिए ज्यादा सोचे।
काशीराम सेन
युवक
पांच साल में नहीं बन पाई स्कूल की सड़क
पीएन स्कूल एवं रिमझिम होटल वाली सड़क का निर्माण नहीं कराया गया है। इस सड़क पर बने गड्ढों से होकर वाहन निकालने में पूरा शरीर हिल जाता है। अन्य सड़कें भी नहीं बन पाई हैं। इसके अलावा शहजाद नदी में खुले में शौच बड़ी समस्या बनी हुई है। ऐसा चेयरमैन चाहिए जो सड़क, साफ-सफाई पर विशेष ध्यान दे।
नसीर
लकड़ी कारोबारी
सुम्मेरा तालाब की अनदेखी
शहरवासियों का सुम्मेरा तालाब से जुड़ाव धार्मिक आस्था को लेकर है। इस समय भगवान को जल विहार कराया जाता है तो यहां का प्रदूषित पानी देखकर काफी तकलीफ होती है। वहीं, परिवहन व्यवस्था ठीक नहीं है। शहर में वाहन आड़े तिरछे रखे रहते हैं तो फुटपाथ की समस्याओं पर किसी की नजर नहीं है। ऐसा चेयरमैन चाहिए जो सड़क को अतिक्रमण मुक्त करते हुए फुटपाथ को व्यवस्थित करे। ठेले वालों के साथ आए दिन नाइंसाफी होती है।
भगवान दास
दुकानदार