बागियों पर बसपा सख्त, भाजपा व कांग्रेस नरम
ललितपुर।
बहुजन समाज पार्टी पूरी संजीदा के साथ निकाय चुनाव लड़ रही है। पार्टी ने अधिकृत उम्मीदवार के खिलाफ पर्चा दाखिल करने वाली बागी उम्मीदवार को निष्कासित कर दिया है। वहीं, भाजपा व कांग्रेस अब तक अधिकृत प्रत्याशी के सामने उतरे बागी नेताओं के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं कर सकी है। इसके कारण पार्टी प्रत्याशियों के चुनाव प्रचार की हवा नहीं बन पा रही है।
नगर निकाय चुनाव में समाजवादी पार्टी को छोड़कर भाजपा, कांग्रेस व बसपा बागियों से परेशान हैं। इस मामले में बहुजन समाज पार्टी ने सख्त तेवर अपनाए हैं। बीते दिन बसपा जिलाध्यक्ष कैलाश नारायण कुशवाहा ने नगर पालिका परिषद की अधिकृत उम्मीदवार आशा जड़िया के विरोध में उतरी द्रोपती अहिरवार को अनुशासनहीनता के आरोप में निष्कासित कर दिया है। वहीं, भाजपा व कांग्रेस चुनाव में चुनौती दे रहे बागियों के खिलाफ अभी तक ठोस कार्रवाई नहीं कर सकी है। नगर पालिका परिषद अध्यक्ष पद पर भाजपा की अधिकृत उम्मीदवार रजनी साहू के खिलाफ कमला देवी व वंदना जैन ताल ठोक रही हैं तो महरौनी नगर पंचायत अध्यक्ष पद की अधिकृत उम्मीदवार संजीव सर्राफ के विरोध में दुष्यंत बड़ौनिया चुनाव लड़ रहे हैं। कांग्रेस की अधिकृत उम्मीदवार यशोधरा राजे के विरोध में अलका जैन व रुक्मणी देवी भाग्य आजमा रही हैं। इसके कारण भाजपा, कांग्रेस के उम्मीदवार जनता का विश्वास जीतने में नाकाम हो रहे हैं। मतदाता अधिकृत एवं बागी उम्मीदवार को अपनी कसौटी में कसने में लगे हैं। मतदाता का रुझान के किससे प्रति बनता है यह तो भविष्य के गर्त में है।
क्षेत्रीय अध्यक्ष करेंगे कार्रवाई
पार्टी के संगठन मंत्री सुनील बंसल ने बागी और संगठन विरोधी गतिविधियों में लिप्त नेताओं की सूची तैयार करने के निर्देश दिए हैं। जिसे क्षेत्रीय अध्यक्ष के सुपुर्द किया जाएगा। जिसके बाद सूचीबद्ध नेताओं के खिलाफ कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
रमेश कुमार सिंह
जिलाध्यक्ष, भाजपा ललितपुर।
अनुशासन कमेटी लेगी निर्णय
पार्टी के उम्मीदवार के खिलाफ लड़ने वाले उम्मीदवारों की सूची तैयार की जा रही है। इसे अनुशासन कमेटी को भेजा जाएगा। कमेटी पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल नेताओं के खिलाफ कार्रवाई करेगी।
दुर्गा प्रसाद कुशवाहा
जिलाध्यक्ष, कांग्रेस ललितपुर।