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राष्ट्रीय लोक अदालत में हुआ 2,297 वादों का निस्तारण

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फोटो नंबर-08
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कैप्सन-

राष्ट्रीय लोक अदालत में हुआ 2,297 वादों का निस्तारण
2.10 करोड़ रुपए की समझौता धनराशि का निर्धारण हुआ
प्रशासनिक न्यायमूर्ति ने किया लोक अदालत का शुभारंभ
अमर उजाला ब्यूरो
ललितपुर।
राष्ट्रीय लोक अदालत में शनिवार को जनपद न्यायालय समेत अन्य न्यायालयों में कुल 2, 297 विभिन्न प्रकृति के वादों का निस्तारण और दो करोड़ दस लाख 60 हजार 999 रुपये की समझौता धनराशि का निर्धारण किया गया। जनपद न्यायालय परिसर के सभागार में लोक अदालत का शुभारंभ प्रशासनिक न्यायमूर्ति संगीता चंद्रा ने किया। उन्होंने दीप प्रज्ज्वलित करने के बाद न्यायिक अधिकारियों, अधिवक्ताओं व वादकारियों को सुलह-समझौता के आधार पर अधिक से अधिक वादों के निस्तारण के लिए लोगों को प्रेरित करने की बात कही।
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उक्त राष्ट्रीय लोक अदालत में शनिवार को जनपद न्यायाधीश सुभाष चंद्र शर्मा द्वारा 11 वाद निस्तारित कर 15.92 लाख रुपये की धनराशि का निर्धारण किया। अपर जिला जज (डकैती) हरीश कुमार यादव द्वारा 97 वादों का निस्तारण कर 5,68, 112 रुपए की धनराशि का निर्धारण किया गया। अपर जिला जज फास्ट ट्रैक-1 हरकेश कुमार द्वारा दो वाद निस्तारित कर 4.80 लाख रुपये, अपर जिला जज फास्ट ट्रैक द्वितीय मनोज कुमार अग्रवाल द्वारा 41 वाद निस्तारित कर चार लाख रुपये, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट आनंद प्रकाश सिंह द्वारा विभिन्न प्रकार के 1,171 वाद निस्तारित कर 1,21,455 रुपये, सिविल जज सीनियर डिवीजन राकेश सिंह द्वारा विभिन्न प्रकार के 62 वाद निस्तारित कर 1,26,141 रुपये की समझौता राशि, सिविल जज सीनियर डिवीजन फास्ट ट्रैक कोर्ट सतेंद्र सिंह वर्मा द्वारा विभिन्न प्रकार के 27 वाद निस्तारित कर 10 हजार 170 रुपए की समझौता राशि एवं सिविल जज जूनियर डिवीजन मुन्नालाल द्वारा विभिन्न प्रकार के 27 वाद निस्तारित कर 5750 रुपए और विशेष न्यायिक मजिस्ट्रेट अर्चना सक्सेना द्वारा विभिन्न प्रकार के 161 वादों को निस्तारित कर 15 हजार 725 रुपए की समझौता राशि का निर्धारण किया गया। जिला मजिस्ट्रेट एवं सभी तहसीलों के अधिकारियों द्वारा विभिन्न प्रकार के 286 वादों को निस्तारित कर एक लाख 45 हजार 436 रुपए की समझौता राशि का निर्धारण किया गया। वाह्य न्यायालय महरौनी की दोनों सिविल एवं दांडिक न्यायालयों द्वारा कुल 183 विभिन्न प्रकार के वाद निस्तारित कर 21 हजार 300 रुपए का जुर्माना अधिरोपित किया गया। बैंकों द्वारा अपने-अपने ऋण वसूली के वादों को प्रीलिटिगेशन लोक अदालत के माध्यम से 144 वाद निस्तारण कर एक करोड़ 69 लाख 61 हजार 408 रुपए की धनराशि का निर्धारण किया गया।
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