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बेरोक टोक सड़कों पर दौड़ रहीं अनफिट बसें

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बेरोक टोक सड़कों पर दौड़ रहीं अनफिट बसें
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ललितपुर। बीते दिनों पटउआ गांव के पास बस में आग लगने से एक यात्री की मौत होने के बाद भी परिवहन विभाग बेपरवाह बना हुआ है। विभागीय अफसरों ने अनफिट बसों को चिह्नित करने के लिए कोई कदम नहीं उठाया है। जिस कारण आज भी सड़कों पर कई अनफिट बसें दौड़ रही हैं। जिनसे दोबारा इस तरह की घटना से इंकार नहीं किया जा सकता है।
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परिवहन विभाग में बसों को फिटनेस प्रमाण पत्र देने का खेल किसी से छिपा नहीं है। यहां दलालों के माध्यम से कई गलतों को सही दर्शा दिया जाता है और इनका फिटनेस प्रमाण पत्र जारी हो जाता है। लेकिन सड़कों पर अनफिट स्थिति में दौड़ रहीं है। इन बसों में कई बसों के कांच टूटे पड़े हैं तो कइयों में खिड़की खुली पड़ी हैं। जिससे इनकी खिड़की के पास बच्चों को बिठाने का भय बना रहता है। इसके साथ ही सर्दी के मौसम में बीमार होने की संभावना बनी रहती है। कई बसों की लाइटें व हॉर्न भी ठीक नहीं है। इससे रात्रि में चलने में दुर्घटना होने व वाहनों को ओवरटेक करने में परेशानी होती है। वहीं आगे वाले वाहनों को लाइट न दिखने के चलते दाएं मोड़ने पर दुर्घनाएं हो जाती है। कुछ बसों के छत भी काफी खराब हो गए है। इनमें बरसात के मौसम में पानी टपकता है तो वहीं, सीटें भी फटी होने से बैठने में परेशानी होती है। इसके साथ ही इनके इंजन व बस के पुर्जे भी कहीं से खुल रहे हैं। आयल भी गिरता रहता है। वहीं, कई बसों में बाहर की ओर चद्दरें निकलती दिखाई दे रहीं है तो बसों के कांचों केे रस्सी से बांध रखा है, लेकिन इनके गिरने से सवारियां चुटहिल हो सकतीं है। इसके बावजूद अधिकांश बसों को परिवहन विभाग के कागजों में भी फिट दर्ज दर्शाया जा रहा है। जबकि सड़कों पर अनफिट दौड़ रहीं हैं। इसके बाद भी विभागीय अधिकारी इस ओर अंजान बने हुए हैं। जिसका फायदा निजी बस संचालक उठाकर आम लोगों की जान से खिलवाड़ कर रहे हैं।
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जिले में अनफिट बसों के संचालन होने का मामला सामने आया है। जिसकी जांच की जाएगी और अनफिट होने की स्थिति में कार्रवाई की जाएगी।
सत्येंद्र कुमार, सहायक परिवहन अधिकारी, ललितपुर
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