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ठंड से निमोनिया की चपेट में मासूम

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ठंड से निमोनिया की चपेट में मासूम
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ललितपुर। ठंड के तेवरों का असर स्वास्थ्य पर भारी पड़ने लगा है। इसका असर बच्चों पर अधिक दिखाई दे रहा है। बढ़ती ठंड के कारण बच्चों में खांसी, जुखाम, निमोनिया, विंटर्स डायरिया आदि बीमारियां देखा जा रही हैं। ऐसे मरीजों की संख्या में अस्पताल में लगातार बढ़ रही है।
30 दिसंबर से बढ़ी ठंड का असर अब बच्चों के स्वास्थ्य पर होने लगा है। बच्चे बीमार हो रहे हैं। ऐसी स्थिति में अस्पतालों में बढ़ी संख्या में मरीज पहुंच रहे हैं। अस्पताल में इलाज के लिए लंबी कतारें लग रही हैं। ठंड होने के कारण बच्चे जुखाम खांसी ही नहीं निमोनिया से भी ग्रसित हो रहे हैं। जिला अस्पताल में प्रतिदिन लगभग दो सौ मरीज आ रहे हैं। यही हाल प्राइवेट अस्पतालों के भी हैं। ठंड से वृद्ध भी परेशान हैं। वृद्ध भी चिकित्सक की सलाह लेकर ही दवा का सेवन करें। शिशु एवं बाल रोग विशेषज्ञ डॉ विजय द्विवेदी ने बताया कि इस सर्दी के मौसम में ठंड से सावधानी बरतने की आवश्यकता है। शरीर को गर्म कपड़ों से ढक कर रखें। साथ ही किसी तरह की समस्या होने पर तुरंत चिकित्सक को दिखाएं। इसमें लापरवाही न बरतें।
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जिला अस्पताल में वेंटीलेटर की सुविधा नहीं, मरीज होते हैं रेफर
जिला अस्पताल में वेंटीलेटर की सुविधा नहीं है। इस कारण निमोनिया से ज्यादा पीड़ित बच्चों को भारी परेशानी होती हैं। ऐसी स्थिति में चिकित्सकों द्वारा शीघ्र ही मरीजों को रेफर कर दिया जाता है।

इनका कहना है
बच्चों को सर्दी से बचा कर रखना चाहिए। निमोनिया पीड़ित बच्चों को बंद जगह पर रखना चाहिए। खुले मैंदान में नहीं रखना चाहिए। ऐसी बच्चों को गर्म स्थान पर रहना चाहिए। धुआं युक्त अलाव से दूरी बनाए रखना चाहिए। धुआं वाले अलाव से बच्चों को अस्थमा का खतरा रहता है।
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- डॉ विजय द्विवेदी, शिशु एवं बाल रोग विशेषज्ञ

इनका कहना है।
सर्दी से बचाव करें। पर्याप्त गर्म कपड़े पहनें। मोजे, टोपी, स्वेटर आदि बच्चों को फुल कपड़े पहनाएं। ठंडी चीजें खाने को न दें। बीमार होने पर तुरंत चिकित्सक को दिखाएं।
- राजेंद्र प्रसाद, वरिष्ठ परामर्श दाता
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