कोहरा व सर्द हवाओं से फसलों को फायदा
ललितपुर। बीते तीन दिन से कोहरे व सर्द हवाओं के असर से जनजीवन भले ही अस्त-व्यस्त हो गया हो पर फसलों के लिए यह ठंड फायदेमंद साबित हो रही है। न्यूनतम तापमान 06 डिग्री तक पहुंच गया है, अब अगर पारा पांच डिग्री से नीचे गया तो पाला पड़ने की संभावना को देखते हुए फसलों को नुकसान हो सकता है।
कृषि वैज्ञानिकों के मुताबिक रात के कोहरे के बाद दिन में निकलने वाली धूप फिलहाल फसलों को लाभदायक है। जनपद में विगत तीन दिन से शाम को जहां सर्दी बढ़ जाती है, वहीं रात होते-होते मैदानी इलाकों में घना कोहरा भी बढ़ जा रहा है, जो सुबह सूरज निकलने के कई घंटों तक लगातार बना रहता है। बुधवार को सुबह साढ़े दस बजे के बाद धूप तो निकली लेकिन ठिठुरन बनी रही। हालांकि, दोपहर एक बजे तक धूप में भी गर्मी आ गई, लेकिन शाम को साढ़े चार बजे से फिर से जिले में सर्दी बढ़ गई। बुधवार को दिन का तापमान अधिकतम 22 डिग्री तक रहा, लेकिन न्यूनतम तापमान 06 डिग्री तक पहुंच गया। तीन किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से सर्द हवाएं भी चलती रहीं, जो तापमान में गिरावट का कारण बनी। जनपद में इस मौसम में गेहूं, चना, मटर, सरसों की फसलें बोई गई हैं। मौसम का प्रभाव खेेतों में बोई गई फसलों पर सबसे अधिक पड़ता है, लेकिन वर्तमान में पड़ने वाला यह कोहरा भी कृषि विभाग के अधिकारियों के अनुसार लाभदायक ही है। रात को कोहरा पड़ने के साथ ही दिन में खिली धूप भी निकल रही है, जो फसलों को लाभदायक है। रात के साथ दिन में भी लगातार कई दिनों तक तापमान में गिरावट के कारण कई बार पाला पड़ने की स्थिति बन जाती है और तापमान भी उस समय चार से पांच डिग्री तक या फिर इससे भी कम हो जाता है, जो फसलों को नुकसान दायक होता है। खासतौर पर दलहनी फसलों को यह स्थिति अधिक नुकसान की होती है। हालांकि, घना कोहरा पड़ने के कारण आम लोगों का जनजीवन अस्त- व्यस्त हो गया है। लोगों को शाम होते ही घरों में दुबककर बैठने को मजबूर होना पड़ रहा है। देर शाम तक बाजारों में भी व्यापार अधिक गति से नहीं चल रहा है। नगर पालिका द्वारा जलाए जा रहे अलाव भी शहर में लोगों की ठंड कम करने के लिए नाकाफी साबित हो रहे हैं। कई जगह तो अलाव जलाने की मात्र रस्म अदायगी ही हो रही है, जो गरीब तबके के लोगों को राहत नहीं दे पा रहे हैं। वहीं, घने कोहरा में सड़क पर साफ दिखाई न देने से यातायात पर भी असर देखने को मिल रहा है। रात में वाहनों की रफ्तार हाइवे पर काफी धीमी हो गई है, जिससे झांसी या सागर तक का डेढ़ घंटे का सफर तीन से चार घंटे में पूरा हो पा रहा है।
इनका कहना है-
जनपद में पड़ने वाले घने कोहरे से फिलहाल फसलों को ज्यादा नुकसान नहीं है। दिन में खिली धूप फसलों को लाभदायक साबित हो रही है। यदि लगातार दिन और रात कोहरा पड़ता है या फिर तापमान 5 डिग्री से कम होता है तो दलहनी फसलों को नुकसान की संभावना होगी। ऐसे में किसानों को खेतों में सिंचाई करना लाभदायक होता है।
सदानंद चौधरी, जिला कृषि अधिकारी।
इनका कहना है-
मटर, मसूर के फूलों पर पड़ा असर
घना कोहरा पड़ने से फिलहाल पाले की स्थिति नहीं बनी है, लेकिन लगातार कोहरा होने से पाला की स्थिति की संभावना बन सकती है। लेकिन, वर्तमान में घना कोहरा पड़ने के कारण मटर, मसूर और चना की फसलों के फूलों पर असर पड़ता दिख रहा है। यदि लगातार ऐसा ही कोहरा रहता है तो इन फसलों पर असर पड़ने की संभावना रह सकती है।
केहर सिंह बुंदेला, प्रांतीय उपाध्यक्ष, भारतीय किसान संघ।