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बेरौजगारी लेकर आया नया वर्ष

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नए वर्ष की सुबह के साथ चला गया रोजगार
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ललितपुर। पंद्रह वर्ष से कम आयु वाले निरक्षर बच्चों को साक्षर बनाने के लिए केंद्र सरकार द्वारा संचालित साक्षर भारत मिशन योजना पर बीते 31 दिसंबर 2017 से ब्रेक लग गया है। अब यह योजना पूरी तरह से रोक दी गई है या फिर कुछ बदलाव के साथ दोबारा शुरू की जाएगी इस बारे अभी कोई भी कुठ बताने को तैयार नहीं है। यह केंद्र सरकार के हाथों में है। फिलहाल जनपद में तैनात 680 प्रेरक और समन्वयक नव वर्ष आने के साथ बेरोजगार हो चुके हैं। नया वर्ष इनके लिए बेरोजगारी लेकर आया है।
साक्षर भारत मिशन योजना के लिए पिछला वर्ष 2017 काफी संघर्ष मय रहा है। विधानसभा चुनाव के कारण मार्च माह में होने वाली साक्षरता परीक्षा आयोजित नहीं हो सकती थी। इसके बाद अगस्त 2017 में इस योजना की समय सीमा समाप्त हो गई थी। इसके बाद केंद्र सरकार ने योजना का अगले पांच वर्ष के लिए नवीनीकरण नहीं करते हुए सितंबर माह से 31 दिसंबर तक के लिए बढ़ा दिया था। नया वर्ष आते ही इन साक्षर भारत मिशन योजना पर ब्रेक लग गए हैं। प्रदेश के कुल 65 जनपदों में यह कार्यक्रम चलाया जा रहा था। जनपद में समस्त ग्राम पंचायत स्तर पर कुल 380 साक्षरता केंद्र संचालित होते थे, जिन पर 680 प्रेरक तैनात थे, जो लोगों को पढ़ाने का काम करते थे। इसके अलावा तीन जिला समन्वयक और 06 ब्लॉक समन्यवयक तैनात थे, जो अब बेरोजगार हो चुके हैं। इसके अलावा अभी तक जनपद के समस्त 680 प्रेरकों को पिछले ढाई वर्षों से मानदेय भी नहीं मिल रहा है।
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केंद्र सरकार से है उम्मीद, हो सकता योजना में बदलाव
साक्षर भारत मिशन योजना पर केंद्र सरकार ने हमेशा के लिए रोक लगा दी है, इस बारे में भी कुछ कहा नहीं जा सकता है। लेकिन ऐसी उम्मीद है कि केंद्र सरकार इस योजना में कुछ बदलाव करके और इसको आधुनिक तरीके से दोबारा शुरू कर सकती है। गौरतलब है कि जब सितंबर माह में इस योजना पर एक बार ब्रेक लगा था, उस दौरान भारत सरकार के केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री जावड़ेकर ने राजस्थान में आयोजित एक कार्यक्रम में इस बात को कहा था कि भारत सरकार इस साक्षर भारत मिशन योजना को बंद नहीं करेगी, बल्कि उसमें कुछ बदलाव करेगी। इसके अलावा उन्होंने कहा था, निरक्षर अभिभावकों को उनके ही परिवार के बच्चे साक्षर करने का काम करेंगे। अभी भी प्रेरकों व समन्वयकों को उम्मीद है कि जल्द ही इस योजना व कार्यक्रम को कुछ बदलाव के साथ दोबारा शुरू किया जाएगा।
शासन ही लेगा निर्णय
यह योजना पूरी तरह से केंद्र सरकार द्वारा संचालित है, इसको बंद करना है या फिर बदलाव के साथ दोबारा चालू करना है। यह तो केंद्र सरकार व शासन की तय करेगा।
- अंबरीष कुमार, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, ललितपुर।
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