फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

ओवरलोड, वोल्टेज डिम कैसे हो खेतों की सिंचाई

विज्ञापन
विज्ञापन
ओवरलोड, लो वोल्टेज बने परेशानी, कैसे करें सिंचाई
विज्ञापन

ललितपुर।
रबी का सीजन आते ही एक बार फिर ओवरलोड और लो वोल्टेज के कारण सिंचाई करने में समस्या खड़ी हो गई है। रोस्टर से कम बिजली आपूर्ति हो रही है, जिससे किसानों को परेशान होना पड़ रहा है।
ललितपुर जनपद में रबी और खरीफ सीजन में खेती होती है। खरीफ की फसल तो बारिश पर ही निर्भर होती है, जबकि रबी की फसल सिंचाई साधनों पर टिकी हुई है। रबी की फसल की सिंचाई नहरों के अलावा मुख्य रूप से बिजली आधारित ट्यूबवेल से होती है। वर्तमान में बहुत कम जगह नहर का संचालन शुरू हो सका, जबकि किसानों को रबी की फसल बोने के लिए खेतों में पहली सिंचाई की जा रही है। इसके लिए जिन किसानों ने ट्यूबवेल कनेक्शन ले रखे हैं, वह सिंचाई तो कर रहे हैं, लेकिन पर्याप्त बिजली व लो-वोल्टेज न होने से इसमें परेशानी आ रही हैं। यदि विद्युत सब स्टेशनों के आंकड़ों के अनुसार बात करें तो गल्ला मंडी विद्युत सब स्टेशनों के अंतर्गत 60 गांव को बिजली आपूर्ति करने वाले देवगढ़ विद्युत फीडर पर लोड 150 से 180 एंपियर तक पहुुंच गया। वहीं, राजघाट भी 50 से 80 एंपियर तक पहुुंच गया। इसी प्रकार बाईपास विद्युत सब स्टेशन के अंतर्गत मसौरा-खितवांस फीडर का लोड भी 70-80 से बढ़कर वर्तमान में 160 एंपियर तक पहुंच गया है। कल्यानपुरा फीडर को लोड भी 100 एंपियर से बढ़कर दोगुना यानी 200 एंपियर से अधिक पहुंच गया। वहीं, निवाई-रघुनाथ फीडर का लोड भी 50-60 से बढ़कर 200 एंपियर तक हो गया है। जबकि नदनवारा फीडर का लोड 40-50 से बढ़कर 70-80 एंपियर तक पहुंच गया है। वहीं, कल्यानपुरा और मसौरा फीडर की पुरानी प्रणाली की ओसीबी मशीनों की स्थिति भी काफी खराब चल रही है। इन दोनों फीडरों की मशीनें अधिक वोल्टेज होने या फिर फाल्ट होने की स्थिति में ट्रिप ही नहीं होती है, जिसके चलते दिन में कई बार रौंड़ा पावर हाउस से 33 केवी की लाइन ही ट्रिप हो जाती है, जिससे आए दिन इन फीडरों की बिजली भी बाधित बनी रहती है।
विज्ञापन


बिल हो गए भारी, बिजली मिल रही आधी
किसानों के नलकूपों पर चल रहे बिजली कनेक्शनों का बिल भी पड़ गया, उसके बाद भी आधी अधूरी बिजली ही किसानों को मिल रही है। ऐसा ही हाल चलता रहा तो किसान अपने कृषि कार्य में गति नही दे पाएगा ।
मुन्ना चौरसिया।

गरीब किसानों का तो भगवान ही मालिक
पाली, बालाबेहट क्षेत्र के किसानों की सिंचाई नलकूपों के माध्यम पर निर्भर है। गरीब तबके के ऐसे किसान जिनके पास सिंचाई के कोई साधन नहीं हैं, बिजली चलित नलकूपों से पानी मोल खरीदते हैं। इसके बाद भी क्षेत्र में बिजली की भारी कटौती हो रही है। बिजली की इतनी कटौती को देख लग रहा है कि अबकी बार सही समय निकल जाने के बाद ही मोल पानी खरीदने का नंबर लग पाएगा ।
रतिराम माते, पाली।

तीन दिन से नहीं मिला ट्रांसफार्मर का तेल
एक सप्ताह से ट्यूबवेल कनेक्शन वाला ट्रांसफार्मर खराब है। किसी प्रकार लाइन मैन से दिखवाया तो तेल कम पाया गया। इसके लिए विद्युत स्टोर पहुंचा, लेकिन तीन दिन से चक्कर लगाने के बाद भी ट्रांसफार्मर का तेल नहीं मिल सका है। इससे सिंचाई बाधित हो रही है।
विज्ञापन

अशोक कुमार बरया,सतरवांस।


पावर हाउस में पर्याप्त मात्रा में वोल्टेज मिल रहा है। लेकिन नलकूप की मोटरें एक साथ चलने के कारण ओवरलोड की समस्या हो रही है। इस कारण ग्रामीण क्षेत्रों में लो-वोल्टेज की शिकायतें आ रही हैं।
डीआर विमलेश, अधिशासी अभियंता
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें