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नेमवि स्वर्ण जयन्ती महोत्सव के चौथे दिन दीक्षान्त समारोह सम्पन्न

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दहेज के बिना शादी की जिद करे युवा पीढ़ी: उमा भारती
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ललितपुर। नेहरू महाविद्यालय स्वर्ण जयंती महोत्सव चौथे दिन महाविद्यालय का प्रथम दीक्षांत समरोह आयोजित किया गया। समारोह का शुभारंभ भारत सरकार की केंद्रीय मंत्री पेयजल एवं स्वच्छता उमा भारती, केंद्रीय मानव संसाधन विकास और जल संसाधन नदी विकास एवं गंगा संरक्षण राज्यमंत्री डा. सत्यपाल सिंह और बुंदेलखंड विश्वविद्यालय झांसी के कुलपति प्रो. सुरेंद्र दुबे ने सामूहिक रूप से द्वीप प्रज्ज्वलन व मां सरस्वती का पूजन कर किया। इसके साथ ही अतिथियों द्वारा महाविद्यालय में नवनिर्मित तुलसी सभागार का लोकार्पण भी किया गया।
अतिथियों द्वारा दीक्षांत समारोह का शुभारंभ करने के बाद महाविद्यालय की छात्राओं आंचल चौबे, मधुलता, प्रियंका, सीमा, अंजली पुरोहित, आरती पटेल, जयोति, गंगा, सोनम व दीक्षा के द्वारा सामूहिक रूप से मां सरस्वती की वंदना और स्वागत गीत प्रस्तुत किया गया। इसके साथ ही ऋचा पुरोहित के तत्वाधान में नेहरू महाविद्यालय काफी है जिसका नाम नामक गीत की प्रस्तुति की गई, जिससे महाविद्यालय के इतिहास को गीत के माध्यम से बताया गया। इसके साथ ही उक्त छात्राओं समेत छात्रों प्रांजल, नमन, साजिद, सत्यम व ऋषि के द्वारा सामूहिक रूप से वंदे मातरम राष्ट्रीय गीत गाया गया, इसके बाद कुलपति द्वारा समारोह शुरू करने की घोषणा की गई। समारोह को संबोधित करते हुए केन्द्रीय मंत्री उमा भारती ने छात्र-छात्राओं दोनों को ही दहेज प्रथा को खत्म करने शिक्षा दी है। उन्होंने छात्राओं को कहा कि वह अपने माता-पिता से बोलें कि जितना धन शादी व दहेज में व्यय करना है उस धन का उपयोग शिक्षा में करें, इससे बच्चियों को शादी के बाद अत्याचार नहीं झेलना पड़ेगा। इसी तरह लड़के को भी बताया कि जिस तरह वह मोबाइल, गाड़ी व घूमने के लिए अपने माता-पिता से जिद्द करते हैं, उसकी तरह यह भी जिद्द करें कि मैं दहेज के बिना ही शादी करुंगा। उन्होंने कहा यदि ऐसा होता है तो माता-पिता को कभी भी बेटियां बोझ नहीं लगेंगी, भारत सरकार के राज्यमंत्री डा. सत्यपाल सिंह ने सबसे पहले पक्तियां सुनाते हुए कहा कि ‘बुन्देलों के मुंह से हमने सुनी कहानी थी, खूब लड़ी मर्दानी वह तो झांसी वाली रानी थी‘। उन्होंने तुलसी, मैथली, ध्यानचन्द्र, मर्दन सिंह को याद करते हुए इस भूमि को प्रणाम किया। उन्होंने छात्र-छात्राओं का मार्गदर्शन करते हुए कहा कि केवल किताबी ज्ञान प्राप्त कर लेने से सब कुछ नहीं होता है। सही शिक्षा का सूत्र थ्री-एच(हेड, हार्ट और हैंड) होता है। बुन्देलखण्ड विश्वविद्यालय झांसी के कुलपति प्रो. सुरेंद्र दुबे ने कहा कि प्रतिभाशाली होना स्वालंबी हो पाने की भरपूर एकता होना शिक्षा का एक महत्वपूर्ण पहलू है। इसे विद्यार्थियों में विकसित होना चाहिए। उन्होंने नवोदित डिग्रीधारी छात्रों से कहा कि आज जब वे अपने संस्थान से नई दुनिया में जाएंगे तो उनको जीवन में कई चुनौतियों का सामना करना पड़ेगा ऐसे में उनके लिए अपने शिक्षण संस्थान से मिली शिक्षा मददगार होगी। उन्होंने देश की युवा पीढ़ी से अपील की कि वह अपनी प्रतिभा, कुशलता व मेहनत करने की क्षमता से एक आदर्श व्यक्तित्व का निर्माण करें। प्राचार्य डा. अवधेश अग्रवाल, प्रबन्ध समिति अध्यक्ष प्रभात दीक्षित एडवोकेट, मंत्री प्रदीप चौबे, डा.ओमप्रकाश शास्त्री ने अपने संबोधन से छात्र-छात्राओं का मार्गदर्शन किया।
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इस अवसर पर वर्ष 2016 के विभिन्न संकायों के कुल 270 छात्र-छात्राओं को उपाधि एवं पदक प्रदान किए। इनमें से समस्त संकायों के प्रथम तीन स्थान पर रहने वाले विद्यार्थियों को मुख्य अतिथियों द्वारा मंच से पदक प्रदान किए गए। इस दौरान विशिष्ट अतिथि के रूप में श्रम एवं सेवायोजन मंत्री मनोहर लाल पंथ समेत सदर विधायक रामरतन कुशवाहा, जेके सिंह, बबीना विधायक राजीव सिंह पारीछा, गरौठा विधायक जवाहर सिंह राजपूत, शिवपुरी के पूर्व विधायक नरेंद्र बिरथरे, पूर्व विधायक देवेंद्र सिंह, सजन कुमार शर्मा, भाजपा जिलाध्यक्ष रमेश सिंह लोधी, जगदीश सिंह लोधी, विक्रम सिंह, समेत डा. आशा साहू, डा. पंकज शर्मा, डा. ऊषा पाठक, डा. सूबेदार यादव, कविता पैजवार, डा. ऋचा सक्सेना, निधि खरे आदि उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन डा. ओमप्रकाश शास्त्री ने और अंत में प्राचार्य डा. अवधेश अग्रवाल ने सभी का आभार जताया।
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इन्हें दिए गए स्वर्ण, रजत व कांस्य पदक
मुख्य अतिथियों द्वारा मंच से जिनको पदक दिए गए हैं वह यह है। एमए समाजशास्त्र में रविना खडाग्रे को स्वर्ण, प्रिया जैन को रजत और शिवा को कांस्य पदक प्रदान किया गया। इसी तरह क्रमश: एमए इतिहास से हेमंत कुमार वर्मा, राजेश कुमार रजक, नीता तिवारी, एमए हिंदी से सविता यादव, अनुराग, मोहिनी चतुर्वेदी, संस्कृत से संध्या, सीमा देवी, दीपू कुशवाहा, अर्थशास्त्र से सौरभ साहू, अविनाश कुमार सिंह, मनोहर सिंह, मनोविज्ञान से स्वाति नामदेव, सिमरन जैन प्रीति वर्मा, राजनीति शास्त्र से शिवांगी पुरोहित, दिव्या जैन, कृष्ण प्रताप, मनीष कटारे, अंग्रेजी से स्वाती सोनी, हिमानी वर्मा, नीलम जैन, लोकेंद्र तिवारी, शहाना परवीन, बीए फाइनल से निधि, अंजली जैन, प्रांशी राज, कृषि संकाय में बीएससी कृषि से आरती प्रजापति, गुलब्शा बानो, भावना सिंह, एमएससी कृषि से मोनिका जोशी, पूनम यादव, प्रियंका सेन को डिग्री व अतिथियों द्वारा मंच से पदक दिए गए।
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