शिकायतकर्ता का कब्जा ढहाया, बाकी पर तरस खाया
अमर उजाला ब्यूरो
सिलावन (महरौनी)।
महरौनी तहसील अंतर्गत निवारी गांव में पीडब्लूडी की जमीन पर कब्जा करने की शिकायत पर पहुंची टीम ने शिकायतकर्ता का ही कब्जा गिरा दिया गया। जबकि अन्य कब्जेदारों पर तरस खाकर छोड़ दिया। परेशान शिकायतकर्ता ने अब मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर कार्रवाई की मांग की हैं।
निवारी गांव के कुछ प्रभावशाली लोगों ने महरौनी-टिकमगढ़ मार्ग के किनारे पीडब्लूडी की जमीन पर अवैध तरीके से कब्जा कर लिया। गांव निवासी शिवराम पुत्र रमेश प्रसाद पुरोहित ने पांच जनवरी 2016 को विभागीय अधिकारियों से इसकी शिकायत की थी। विभाग की जांच में मामला सही पाए जाने पर अधिशासी अभियंता प्रांतीय खंड लोक निर्माण विभाग के आदेश पर सहायक अभियंता (प्रथम) ने 12 मई 2016 को यूपी रोड साइड लैंड कंट्रोल एक्ट की धारा 5/13 के अंतर्गत अपराध मानते हुए शिकायत कर्ता सहित अन्य तीन लोगों को एक सप्ताह में कब्जा हटाने का नोटिस दिया। इसके बाद सात दिन बाद अधिकारी और कर्मचारियों ने शिकायतकर्ता शिवराम का अवैध कब्जा तो हटा दिया, लेकिन शेष कब्जाधारियों पर कार्रवाई नहीं की। इस पर शिकायत कर्ता ने 21 मार्च 2017 को तहसील दिवस में जिलाधिकारी को शिकायती पत्र देकर अतिक्रमण हटवाने की मांग की तो जिलाधिकारी ने अधिशासी अभियंता को आदेश दिए थे। बावजूद कार्रवाई नहीं की गई। परेशान शिकायत कर्ता ने मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर कार्रवाई की मांग की हैं।
यह है आरोप
निवारी गांव निवासी शिवराम का आरोप हैं कि चकबंदी बंदोबस्त 2000 के नजीरी नक्शे के अनुसार पीडब्लूडी की जमीन रोड साइट कुआं के पास 66 फुट हैं, जबकि विभागीय अधिकारी ने अतिक्रमणकारियों से सांठगांठ कर महज 45 फुट तक ही जमीन खाली करवाई हैं, जबकि नियमानुसार 66 फुट तक जमीन कब्जामुक्त होनी चाहिए। विभाग ने पक्षपात पूर्ण कार्रवाई करते हुए मेरा 66 फुट का कब्जा ध्वस्त कर दिया, जबकि अन्य पर नाममात्र कार्रवाई कर मामला रफा-दफा कर दिया।
अफसर बोले, नियमानुसार कार्रवाई की गई
सहायक अभियंता प्रांतीय खंड लोक निर्माण विभाग सुबोध कुमार का कहना हैं कि जितनी जमीन पीडब्लूडी के अधीन हैं, उतनी जमीन से अतिक्रमण हटा दिया गया हैं। इसकी सूचना उपजिलाधिकारी महरौनी को भी दे दी गई है।