ललितपुर। दो दिनों से हो रही मूसलाधार बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त है। आंकड़ों के अनुसार 48 घंटों में 81 मिलीमीटर औसत बारिश दर्ज की गई है। सर्वाधिक बारिश महरौनी तहसील में 178 मिमी, मड़ावरा में 93 मिमी, तालबेहट में 56 मिमी, ललितपुर में 45 मिमी और पाली में 37 मिमी हुई। बारिश के कारण खेतों में पानी भरा है, जिससे किसान खरीफ की फसल की बुआई नहीं कर पा रहे हैं।
कुछ सालों से मानसून की स्थिति काफी खराब चल रही है। कभी पानी ही पानी होता है, तो कभी सूखे की मार झेलनी पड़ती है। पिछले साल अतिवृष्टि के कारण खेतों में खड़ी फसल नष्ट हो गई थी। वहीं, इस वर्ष 20 जून से लगातार हो रही बारिश से अधिकांश जगहों पर किसान फसल की बुआई नहीं कर पा रहे हैं। जहां बुआई हुई भी है, वहां खेत में लगातार पानी भरे रहने से बीज नष्ट हो गया है। अगर जुलाई में खरीफ की फसल की बुआई नहीं हो पाई तो आगामी रबी फसल में भी देरी होगी।
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बारिश (मिमी में) पर एक नजर
तहसील -4 जुलाई-5 जुलाई
महरौनी -55 -123
मड़ावरा -48 - 45
ललितपुर- 00- 45
तालबेहट -30- 26
पाली - 05-32
नोट- बारिश का यह आंकड़ा तीन जुलाई की सुबह आठ बजे से पांच जुलाई सुबह आठ बजे तक का है।
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बारिश से आवागमन बाधित
महरौनी। ब्लॉक क्षेत्र के ग्राम जखौरा में मोहल्लों को जोड़ने वाला संपर्क मार्ग मूसलाधार बारिश से कटकर गहरी खाई बन गया। इससे वाहनों का आवागमन बंद हो गया।
ग्रामीणों ने बताया कि शुक्रवार को हुई बारिश से संपर्क मार्ग नीचे से बह गया था। ऊपर केवल पक्की सड़क बची थी, जो शनिवार को वाहन निकलने से टूट गई और गहरी खाई में बदल गई। नीचे से सड़क की मिट्टी कट जाने से अब जो ऊपरी हिस्सा बचा हुआ है, उससे लोग अब पैदल निकलने से भी डर रहे हैं। संवाद