ललितपुर। जिले में अब तक 7100 लोग विभिन्न शहरों से आ चुके हैं। इनमें 29 मार्च से अब तक तीन हजार लोग आए हैं। इनकी कड़ी निगरानी रखी जा रही है। वहीं, बृहस्पतिवार को मंडी बामोरा से आधा सैकड़ा से ज्यादा श्रमिक जीजीआईसी पहुंचे।
नोवेल कोरोना वायरस ने पूरी दुनिया को जकड़ लिया है। इससे भारत भी अछूता नहीं है। विभिन्न शहरों में वायरस से संक्रमण फैल चुका है। जिले में अभी तक विभिन्न शहरों में 7100 लोग आ चुके हैं। इनमें से कइयों को मध्य प्रदेश के जिलों में भेजा जा चुका है। 29 मार्च से अब तक ढाई से तीन हजार लोग आए हैं, इन लोगों के स्वास्थ्य पर नजर रखी जा रही है। ऐसे लोग होम आइसोलेशन में हैं। बृहस्पतिवार को मध्य प्रदेश के मंडी बामोरा से करीब सत्तर व्यक्ति फसल काटकर लौटे। इनमें से कुछ लोग तालबेहट के हंसारा गांव के रहने वाले हैं तो कुछ मध्य प्रदेश के मोहनगढ़ के हैं। जिला प्रशासन ने इन श्रमिकों का स्वास्थ्य परीक्षण कराकर दोपहर में उन्हें बसों से गतंव्य के लिए रवाना किया। श्रमिकों ने बताया कि पैदल चलकर ललितपुर पहुंचे हैं। इस दौरान खाना व पानी भी नसीब नहीं हुआ।
15 मार्च के पहले मध्य प्रदेश के मंडी बामोरा फसल काटने के लिए गए थे। जब किसानों की फसल कट गई तो वहां से भगा दिया गया है। साधन के अभाव में पैदल चलकर ललितपुर पहुंचे।
- रामकिशन, ग्राम हसारा
मंडी बामोरा से ट्रेन की पटरी के रास्ते पैदल चलकर ग्राम धौर्रा पहुंचे। फिर बस से ललितपुर लाया गया। जीजीआईसी में स्वास्थ्य परीक्षण के उपरांत बस के जरिए घर भेजा जा रहा है।
- पिप्पे, मोहनगढ़
मंडी बामोरा से परिवार के साथ भूखे प्यासे पैदल चलकर ग्राम धौर्रा पहुंचे। यहां से बस के माध्यम से ललितपुर के जीजीआईसी आए हैं। यहां से बस द्वारा मोहनगढ़ भेेजा जा रहा है।
- तेज खां, मोहनगढ़
दस मार्च के उपरांत जिले में 7100 लोग बाहर से आए हैं। इनमें 29 तारीख से ढाई हजार से तीन हजार के मध्य लोग विभिन्न शहरों से पहुंचे हैं, जिन पर नजर रखी जा रही है।
- अनिल कुमार मिश्र, अपर जिलाधिकारी