नगर में 24 हजार से अधिक उपभोक्ताओं द्वारा बिजली का उपभोग किया जा रहा है, इसमें 3, 500 से अधिक वाणिज्यिक उपभोक्ता शामिल हैं, जबकि 90 आटा चक्की और 50 से अधिक औद्योगिक इकाइयों में विद्युत संयोजन हैं। विभाग द्वारा प्रत्येक माह बिजली के बिल की वसूली की जाती है। समय- समय पर राजस्व वसूली के लिए विद्युत शिविर लगाने के साथ- साथ वसूली अभियान भी चलाया जाता है। विगत वर्ष जून माह से तीन माह के अभियान के तहत गली मुहल्लों में चेकिंग की गई थी, इसमें विभाग द्वारा बकाएदारों के कनेक्शन काटने और विद्युत चोरी करने पर कार्रवाई की गई थी। इसके बाद गत अक्तूबर और फिर जनवरी माह में भी अभियान चलाया गया। लेकिन, इसके बाद भी विभाग द्वारा शत- प्रतिशत बकाएदारी की वसूली नहीं की जा सकी। स्थिति यह है कि शहर में 3,400 उपभोक्ताओं पर विद्युत विभाग का करीब सात करोड़ रुपए से अधिक बकाया है। इसमें 1,726 घरेलू व कामर्श्यल उपभोक्ता शामिल हैं, जबकि अन्य औद्योगिक व सरकारी विभाग शामिल हैं।
उत्तर प्रदेश पावर कॉर्पोरेशन के वाणिज्यक निदेशक संजय कुमार सिंह ने विद्युत विभाग को भेजे पत्र में पचास हजार रुपए से एक लाख रुपए और इससे अधिक राशि के बकाएदार उपभोक्ताओं की सूची जारी करने निर्देश दिए हैं, ताकि ऐसे बकाएदार उपभोक्ताओं पर वसूली की कार्रवाई की जा सके। उन्होंने विद्युत वितरण खंड के अधिकारियों से जारी होने वाली सूची पर कार्रवाई के साथ मुख्यालय तलब किया है।