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रोजगार के अभाव में पलायन कर रहे मनरेगा श्रमिक

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रोजगार के अभाव में पलायन कर रहे मनरेगा श्रमिक
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जिले की आधा सैकड़ा ग्राम पंचायतों में मनरेगा के काम ठप
अमर उजाला ब्यूरो
ललितपुर। जिले की आधा सैकड़ा ग्राम पंचायतें धन की कमी से चलते मनरेगा के काम प्रारंभ नहीं कर रही हैं। इसका असर श्रमिकों के रोजगार पड़ रहा है। तमाम श्रमिकों ने रोजगार के लिए स्थानीय स्तर पर पलायन प्रारंभ कर दिया है।
जिले में एक लाख 62 हजार कार्डधारक हैं। इनमें से मौजूदा वित्तीय वर्ष में 2431 कार्डधारकों को ही सौ दिन का रोजगार उपलब्ध कराया जा सका है। इसकी वजह मनरेगा में बार-बार धनराशि की कमी उत्पन्न होना है। अक्तूबर माह से मनरेगा में भुगतान की समस्या देखी जा रही है। विभागीय आंकड़ों पर गौर करें तो जिले की 264.69 लाख रुपये का भुगतान अटका है। इस स्थिति मेें आधा सैकड़ा ग्राम पंचायतों ने हाथ खड़े कर दिए हैं। वर्तमान में चिह्नित ग्राम पंचायतों ने काम ठप पड़ा है। वहीं, मनरेगा श्रमिकों का भी मोहभंग हो गया है। उन्होंने गांव से गांव व गांव से शहर में पलायन करना शुरू कर दिया है। कई श्रमिक तो महानगरों की ओर पलायन कर रहे हैं। इसमें सहरिया आदिवासियों की संख्या ज्यादा है। हालांकि, विभागीय अफसर जिले से बाहर श्रमिकों के पलायन को नकार रहे हैं।
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इनमें काम पड़ा ठप
ब्लाक बार में दो, बिरधा में ग्यारह, जखौरा में दो, मड़ावरा में तेरह, महरौनी में सोलह, तालबेहट में छह ग्राम पंचायतों में मनरेगा के काम प्रारंभ नहीं हैं।
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धीरे-धीरे हो रहा भुगतान
मनरेगा में भुगतान धीरे-धीरे हो रहा है। जिन ग्राम पंचायतों में काम प्रारंभ नहीं हुए हैं, उन्हें मनरेगा के कार्य शुरू कराए जा रहे हैं। उन्होंने पलायन जैसी स्थिति को नकार दिया है।
शिवनारायण, सीडीओ ललितपुर
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