18 घंटे रही बिजली की आपूर्ति बाधित
ललितपुर। महरौनी कस्बा सहित क्षेत्र की विद्युत व्यवस्था लगभग ही नही पूर्ण रूप से पटरी से उतरी पड़ी है, जिसकी जिम्मेदारी निभाने को जहां कर्मचारी विवश है तो वही अधिकारी भी संसाधनों के मांग पत्र दिखाकर अपनी जिम्मेदारी से किनारा करते नजर आते हैं, जिसका खामियाजा आमजन को भुगतना पड रहा है। इसके चलते जहां कस्बा क्षेत्र में कभी रात तो कभी दिन में बिजली गुल रहती है। तो वही ग्रामीण क्षेत्रों में सिंचाई के लिए महती आवश्यकता होने के बावजूद लोगों को पर्याप्त विद्युत सप्लाई नही मिल रही है।
महरौनी पावर हाउस पर विगत कुछ वर्षों से संसाधनों के अभाव व अधिकारियों की उदासीनता के चलते बिजली व्यवस्था ध्वस्त बनी हुई है। कभी रात भर तो कभी दिन भर सप्लाई बंद कर जुगाड़ू व्यवस्था कर जैसे-तैसे लोगों को सप्लाई दी जा रही है। इसके पुख्ता इंतजाम के लिए न तो कुशल अनुभवी लाइन मेन मौजूद है और न ही पर्याप्त मशीनरी पावर हाउस पर उपलब्ध है। जांच टीम और अनुभवी विशेषज्ञों द्वारा मशीनें चलने लायक नहीं है। ऐसा बताने व जिसकी रिपोर्ट उच्चाधिकारियों तक पहुंचाने के बाद भी बही घिसी पिटी घटिया किस्म की खस्ताहाल मशीनों की रिपेयरिंग करके काम चलाऊ विद्युत व्यवस्था लोगों को मुहैया हो पा रही है। जबकि अवर अभियंता द्वारा अनेकों बार मशीनरी के लिए मांग करने के बाद भी संसाधन उपलब्ध नहीं हो पा रहे है। इससे विद्युत व्यवस्था पटरी से उतरी पड़ी है। इसके चलते कभी भी और कही भी किसी भी फीडर की सप्लाई कब बंद हो जाये कुछ भी नही कहा जा सकता है। कस्बा सहित ग्रामीण क्षेत्र के उपभोक्ताओं को बड़ा संशय बना रहता है ।अगर बात करे महरौनी पावर हाउस की तो यहां का हाल बेहाल है न तो अच्छी मशीनें है। वहीं, वर्षों पुरानी बीसीबी मशीनों के सहारे काम चल रहा है। इसमें स्थानीय कर्मचारी व अनुभवी लाइनमैन अपनी रिस्क पर लोगों की परेशानी को दूर करने का भरसक प्रयास करते रहते है। इसके लिए वो अपनी जान तक जोखिम में डाले रहते हैं। सब कुछ देखने और समझने के बावजूद इस विकराल और बेहाल पड़ी व्यवस्था को मजबूत करने के लिए ऐसी कोई ठोस पहल अभी तक नहीं की गई कि लोगों को समय से निर्बाध विजली मिलती रहे।