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किसानों को वैज्ञानिक दृष्टिकोष अपनाने की जरुरत

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किसान वैज्ञानिक दृष्टिकोण अपनाएं: पंथ
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कंपनी बाग में किसान गोष्ठी का आयोजन
अमर उजाला ब्यूरो
ललितपुर। कृषि विभाग के तत्वावधान में बुधवार को चंद्रशेखर आजाद पार्क (कंपनी बाग) में रबी उत्पादकता गोष्ठी और मेला का आयोजन किया गया। इसमें मुख्य अतिथि श्रम और सेवा योजन राज्यमंत्री मंत्री मनोहरलाल पंथ ने जनपद के कृषकों को वैज्ञानिक दृष्टिकोण अपनाने को कहा। किसान हित में शासन की योजनाओं के बारे में जानकारियां उपलब्ध कराईं। कार्यक्रम की अध्यक्षता डीएम मानवेंद्र सिंह ने की।
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प्रसार सुधार (आत्मा) योजनांतर्गत रबी उत्पादकता गोष्ठी/मेला में, मंत्री मनोहर लाल पंथ, डीएम मानवेंद्र सिंह और मुख्य विकास अधिकारी शिवनारायण द्वारा परिसर में विभिन्न विभागों द्वारा लगाए स्टॉलों का निरीक्षण किया गया। मुख्य अतिथि द्वारा मां सरस्वती के चित्र पर दीप प्रज्ज्वलन एवं माल्यार्पण कर कार्यक्रम की विधिवत शुरुआत की। कार्यक्रम में उप निदेशक कृषि प्रसार संतोष कुमार सविता ने बताया कि आज इस रबी उत्पादकता गोष्ठी/मेला के आयोजन का उद्देश्य जनपद के कृषकों का विकास करना है। ललितपुर का लगभग 53 प्रतिशत क्षेत्र सिंचाई योग्य है एवं जनपद में 02 लाख के लगभग कृषक हैं। उन्होंने बताया कि जनपद के समस्त किसान विभाग की वेबसाइट पोर्टल पर अपना पंजीकरण कराएं, जिससे उन्हें कृषि परक कल्याणकारी योजनाओं का लाभ प्राप्त हो सके। गोष्ठी में कृषक ऊदल सिंह, कृषक निसार खान, जिलाध्यक्ष भाजपा किसान मोर्चा सुरेश कुमार टोंटे, कीरत बाबा, जिलाध्यक्ष भारतीय किसान सभा नवनीत शर्मा, वरिष्ठ कृषक प्रतिनिधि यशपाल सिंह परिहार तथा पहाड़ सिंह यादव ने कृषक प्रतिनिधि के रूप में कृषकों की समस्याओं को मुख्य अतिथि और जिलाधिकारी के समक्ष रखा। यहां जिलाधिकारी ने कहा कि गोष्ठी के आयोजन का उद्देश्य कृषकों का विकास करना है। बुंदेलखंड क्षेत्र के ललितपुर जनपद में कृषि के लिए अपार संपदायें विद्यमान हैं। वर्तमान समय में सरकार द्वारा जनहित की समस्याओं के निस्तारण हेतु अनेक प्रयास किये जा रहे हैं। विद्युत एवं जल संबंधी समस्याओं का निस्तारण करने के लिए विशेष प्रयास किए जा रहे हैं, जिसके सकारात्मक परिणाम शीघ्र ही सामने आएंगे। उन्होंने बताया कि जनपदवासियों को जल के प्रबंधन पर विशेष जोर देना चाहिए। जनसंख्या वृद्धि को देखते हुए हमें प्राकृतिक संसाधनों का प्रयोग सीमित मात्रा में करना चाहिए, जिससे हमारी आने वाली पीढ़ियों को भी इन प्राकृतिक संपदाओं का लाभ मिल सके। सभी लोगों का पानी का वहन सीमित मात्रा में करना चाहिए। उन्होंने किसानों से अपील की कि जिन क्षेत्रों में पानी की कमी है उन क्षेत्रों में ऐसी फसलों (दलहन) की खेती करें, जिनमें पानी की आवश्यकता कम मात्रा में होती है। जनपद के कृषकों को अपनी सोच में वैज्ञानिक दृष्टिकोण अपनाने की आवश्यकता है। उन्होंने बताया कि सरकार की मंशानुसार अन्ना पशुओं की समस्याओं को समाप्त करने के लिए वृहद प्रयास किये जा रहे हैं। सरकार किसान के विकास के लिए पूर्ण रुप से प्रयासरत है। इस कार्य में आप सभी का सहयोग भी अनिवार्य है। श्रम एवं सेवायोजन मंत्री ने कहा कि प्रत्येक किसान अपने खेत का पालन-पोषण अपनी संतान की तरह करता है। किसानों के लिए उनके द्वारा हर संभव सहयोग प्रदान किया जाएगा। किसानों का हित हमारा प्रथम उद्देश्य है। गोष्ठी में मुख्य अतिथि राज्य मंत्री द्वारा 30 पात्र कृषक लाभार्थियों को सरसों के बीज की मिनी किट, राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना के अंतर्गत क्लस्टर प्रदर्शन हेतु मटर के बीज एवं ट्राईकोडर्मा, दवा छिड़कने वाले पावर नेपसेक स्प्रेयर तथा 04 कृषकों को लपेटा पाइप भी वितरित किये गए। गोष्ठी में परियोजना निदेशक डीआरडीए बलिराम वर्मा, जिला विकास अधिकारी विद्यानाथ शुक्ल, उप निदेशक कृषि प्रसार संतोष कुमार सविता, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डा. एसके शाक्य, जिला कृषि अधिकारी गौरव यादव, अग्रणी जिला बैंक प्रबंधक एसके श्रीवास्तव, जिला उद्यान अधिकारी सुघर सिंह, सांसद प्रतिनिधि प्रदीप चौबे, भाजपा जिलाध्यक्ष जगदीश सिंह लोधी, जिलाध्यक्ष भाजपा किसान मोर्चा सुरेश कुमार टोंटे, जिलाध्यक्ष भारतीय किसान सभा नवनीत शर्मा, किसान प्रतिनिधि यशपाल सिंह परिहार, कृषि विज्ञान केन्द्र के वैज्ञानिक, आदि उपस्थित रहे।
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