रोक के बाद भी नहीं रुक रहा पॉलिथीन का प्रयोग
अमर उजाला ब्यूरो
ललितपुर। पॉलिथीन पर प्रतिबंध लगाए जाने के आदेश का बिलकुल भी असर दिखाई नहीं दे रहा है। बाजारों में रोजमर्रा की तरह दुकानदार पॉलिथीन का इस्तेमाल करते नजर आ रहे हैं। सब्जी मंडी में इसका सबसे ज्यादा प्रयोग हो रहा है।
प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पॉलिथीन और प्लास्टिक के प्रयोग पर प्रतिबंध लगाने की घोषणा कर दी थी। इसमें पहले चरण में 15 जुलाई से सिर्फ 50 माइक्रान तक ही पॉलिथीन को प्रतिबंधित कर दिया गया था। द्वितीय चरण में 15 अगस्त से थर्माकोल से बने सभी तरह के बर्तन को प्रतिबंधित किया गया था। तीसरे चरण में सभी तरह की पॉलिथीन के प्रयोग, निर्माण, बिक्री, वितरण, भंडारण, परिवहन, आयात व निर्यात प्रतिबंधित कर दिया गया है। इसके बाद अब 50 माइक्रान से अधिक मोटाई वाली पॉलिथीन का इस्तेमाल नहीं हो सकेगा। शासन ने सभी नगर निकायों को अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं। इन सबके बाद भी बाजारों में 50 माइक्रान से कम और ज्यादा मोटाई की पॉलिथीन प्रयोग में लाई जा रही है। सब्जी मंडी दुकानदार इनका सबसे ज्यादा इस्तेमाल कर रहे हैं। सुबह से ही सब्जी मंडी में बोली लगने के साथ पॉलिथीन का प्रयोग प्रारंभ हो जाता है। यहां से फुटकर सब्जी दुकानदार पॉलिथीन में विभिन्न प्रकार की सब्जियों को वाहन में लादकर ले जाते हैं। जिन मंडियों में फुटकर दुकानदार बैठते हैं, वह भी ग्राहकों को पॉलिथीन में सब्जी देने में गुरेज नहीं करते हैं। कमोवेश यही स्थिति फल मंडी की है। बीते दिनों छापामार दल ने नझाई बाजार में बड़ी मात्रा में पॉलिथीन पकड़ी थी लेकिन सब्जी मंडी दुकानदारों को नहीं छेड़ा था। अब तक जितने भी अभियान चले, उनमें सब्जी व फल दुकानदार कार्रवाई की जद में नहीं आए। इसी तरह चाय, रेस्टोरेंट, होटल में भी पॉलिथीन का चलन बरकरार है। ऐसा नहीं कि दुकानदार छिपकर पॉलिथीन का प्रयोग कर रहा है। इसका अंदाजा इससे लगाया जा सकता है कि घंटाघर के आसपास दुकानदार पॉलिथीन में सामान देने से गुरेज नहीं करता है। खाद्य सामग्री बेचने वाले दुकानदार बेखौफ होकर पॉलिथीन को चलन में लिए हुए हैं। पितृ श्राद्ध भोज में प्लास्टिक, क्राकरी का इस्तेेमाल हो रहा है।
थोक दुकानदारों ने बदले गोदाम
थोक विक्रेताओं ने छापामार दल की नजर से पॉलिथीन, प्लास्टिक, क्राकरी बचाने के लिए गोदाम बदल दिए हैं। कइयों ने अपनी गोदाम गलियों में बना लिए हैं, जिससे कि छापामार दल वहां तक पहुंच न सके।
सफाई अभियान पर रहा फोकस
गांधी जयंती पर अधिकारियों ने अपना ध्यान सफाई पर केंद्रित रखा। लगभग सभी अधिकारियों ने तीसरे चरण में लगाए गए प्रतिबंध को नजरअंदाज कर दिया जो चर्चा का विषय बना रहा।