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गल्ला मंडी में कैंटीन संचालन पर विवाद गहराया1

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गल्ला मंडी में कैंटीन संचालन पर विवाद गहराया
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मंडी समिति कैंटीन लाइसेंस बढ़ाने पर कर रहा विचार
अमर उजाला ब्यूरो
ललितपुर।
गल्ला मंडी में गत दिनों अवैध कैंटीन, खोखे, खान-पान के डिब्बे आदि के खिलाफ मंडी प्रशासन द्वारा चलाए गए अतिक्रमण के बाद यहां कैंटीन संचालन अधर में अटका गया है। वर्षों से जुड़ा व्यापार छिनने से जहां व्यापारियों में रोष है, तो वही मंडी समिति कैंटीनों के विस्तार पर विचार कर रहा है। इसके साथ ही ठेकेदार व कैंटीन संचालकों व अतिक्रमण हटाओ अभियान में बेरोजगार व्यापारियों के मध्य रविवार को मंथन किया गया और मंडी समिति से हटाया गया रोजगार फिर से स्थापित कराने की मांग रखी और इस संबंध में व्यापारी सोमवार को डीएम को ज्ञापन सौंपकर रोजगार संकट से उबारने की मांग रखेंगे।
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गल्ला मंडी में कैंटीन ठेकेदार के माध्यम से दर्जनों व्यापारियों द्वारा यहां खोखे, खान-पान की दुकानें, डिब्बे आदि रखकर वर्षों से अपना व्यापार करते चले आ रहे थे। लेकिन गत दिनों मंडी समिति जिला प्रशासन के नेतृत्व में मंडी समिति द्वारा मंडी में पसरे अवैध अतिक्रमण हटाने के लिए अभियान चलाया, जिसमें दर्जनों छोटे व्यापारियों को रोजगार छिन गया और जेसीबी से अतिक्रमण हटाए जाने से उन्हें काफी नुकसान भी हुआ है। इसके बाद से यहां अब कैंटीन ठेकेदार व व्यापारियों के बीच आपसी खींचतान भी शुरू हो गई। वहीं, छोटे व्यापारियों ने रोजगार स्थापित कराने के एवज में लिया जाने वाली धनराशि वापस करने या फिर से वहीं उन्हें रोजगार स्थापित कराने की मांग रखी। लेकिन मंडी समिति द्वारा अवैध रूप से उक्त दुकानें संचालित कराने पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया, साथ ही बाकी अतिक्रमण हटाने के लिए अभियान चलाने की चेतावनी भी दी। वहीं, ठेकेदार द्वारा मंडी समिति से रोजगार नहीं छीनने की सिफारिश की है। लेकिन मंडी प्रशासन व जिला प्रशासन अवैध रूप से खोखे, डिब्बे या अन्य खानपान की दुकानें फिर से स्थापित कराने के पक्ष में नहीं है। रविवार को कैंटीन संचालकों व छोटे व्यापारियों से खानपान की दुकानों के मामले में एक बैठक की गई, जिसमें कैंटीन संचालन के संबंध में मंथन किया गया और डीएम से मिलकर अतिक्रमण हटाने के दौरान बेरोजगार हुए छोटे व्यापारियों यहां जो पहले से स्थापित हैं, उनको रोजगार बने रहने के संबंध में ज्ञापन देने पर विचार किया। वहीं ठेकेदार द्वारा भी छोटे व्यापारियों के हित में ही निर्णय पर विचार रखा। यदि छोटे व्यापारियों से रोजगार छिनता है तो ठेकेदार भी यहां से अपना कैंटीन का लाइसेंस कराने को मंडी सचिव से मिल चुके हैं। हालांकि मंडी सचिव पुष्पेंद्र कुमार ने यहां पांच कैंटीन के लाइसेंस का विस्तार कराने के लिए व्यापारियों से प्रस्ताव की पहल की है। यदि ठेकेदार व उक्त व्यापारी राजी होते हैं, तो मंडी प्रशासन द्वारा छोटे व्यापारियों की डिमांड पर मंडी में कैंटीन के विस्तार का प्रस्ताव उच्चाधिकारियों के पास भेजेंगे। इससे जहां बेरोजगार हुए छोटे नियमत: व्यापार मिल सकेगा, वहीं मंडी समिति को भी कैंटीनों का विस्तार होने से आए भी बढ़ेगी।
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