स्वास्थ्य सेवाओं में ललितपुर को नौंवा स्थान
हेल्थ मेनेजमेंट इंटीग्रेटेड सर्वे पोर्टल में शीर्ष 10 में चयनित
अमर उजाला ब्यूरो
ललितपुर।
हेल्थ मैनेजमेंट इंटीग्रेटेड सर्वे (एचएमआईएस) पोर्टल के मानकों के अनुसार प्रदेश के सभी जिलों में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने में बुंदेलखंड सबसे आगे बढ़ रहा है। जिला स्तरीय रेंकिंग में शीर्ष दस स्थानों में बुंदेलखंड क्षेत्र के पांच जिलों ने स्थान प्राप्त किया है, जिसमें महोबा को पहला, झांसी को तीसरा, हमीरपुर को 5वां, बांदा को 7वां एवं ललितपुर को 9वां स्थान प्राप्त हुआ है। वर्ष जनवरी-18 से मार्च-18 तक एचएमआईएस जिला स्तरीय रैंकिंग में प्रदेश के सभी जिलों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाने के लिए उन्हें 1 से लेकर 75 तक रैंकिंग दी गई हैं।
झांसी को ये रैंक ज्यादा संस्थागत प्रसव के अंतर्गत ज्यादा गर्भवती महिलाओं और बच्चों का पंजीकरण, बच्चों का संपूर्ण टीकाकरण, परिवार नियोजन की स्थायी व अस्थायी विधियों और टीबी के ज्यादा मरीजों को चिह्नित करना आदि क्षेत्रों में बेहतर प्रदर्शन के लिए दी गई है। उत्तर प्रदेश हेल्थ मैनेजमेंट इंटीग्रेटेड सर्वे के इंडीकेटर्स के आधार पर जो 10 जिले शीर्ष पर है, उनमें ललितपुर जिले का 9वां स्थान मिला है। एसीएमओ आरसीएच डा. एनके जैन ने बताया कि जिला स्तर पर डीएम एवं सीएमओ के निर्देशन में एसीएमओ आरसीएच एवं अन्य एसीएमओ की मासिक बैठकों के दौरान ब्लॉक स्तरीय चिकित्साधिकारियों को निर्देश दिये गए हैं, जिनके प्रयासों से ललितपुर को तीसरा स्थान प्राप्त हुआ है। इस सफलता के पीछे जिला कार्यक्रम अधिकारी यूनिट, ब्लॉक प्रबंधन इकाइयों और एमसीटीएस ओपेरेटर का सहयोग रहा है। ललितपुर को यह रैंकिंग निम्न सूचकांकों के आधार पर दी गई है, जिसमें प्रसव पूर्व चारों जांच, संस्थागत प्रसव, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र व जिला अस्पताल में प्रसव, प्रति हजार में जन्म, घर पर हुए प्रसव के 48 घंटे के उपरांत आशा द्वारा पहली विजिट, महिलाओं का संपूर्ण टीकाकरण, बच्चों का संपूर्ण टीकाकरण, परिवार नियोजन में स्थाई (मिनिलेप व नसबंदी) व अस्थायी (आईयूसीडी व पीपीआईयूसीडी), टीबी चिह्नित केस, एचआईवी, आशा फंड एवं चिह्नित सूचकांक की रेंकिंग 1 व 2 सूचकांक। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के निदेशक, पंकज कुमार ने सभी स्वास्थ्य संबंधी अधिकारियों से अपील की कि वह अपने जिले की रेंकिंग में और बेहतर सुधार लाने का प्रयास करें ताकि सतत विकास के लक्ष्य में निहित स्वास्थ्य के लक्ष्य को समय पर हासिल कर सके।