जिला पुस्तकालय में घट रही पाठकों की संख्या
ललितपुर। जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय परिसर में स्थित जिला पुस्तकालय की व्यवस्थाएं दुरुस्त न होने से पाठकों की संख्या बढ़ने की जगह लगातार घट रही है। वर्तमान में सदस्यों की संख्या सैकड़ा से घटकर पंद्रह के आसपास टिककर रह गई है वह भी पत्रिकाएं व समाचार पत्र पढ़कर घर लौट जाते हैं।
जिले में इकलौता ऐसा सरकारी पुस्तकालय है जहां पर बाल पुस्तकालय भी संचालित है, इसमें बच्चों के लिए कामिक्स, ज्ञानपरक पुस्तकें व कंप्यूटर गेम उपलब्ध हैं। जिला पुस्तकालय में करीब तीन सौ सदस्य हैं तो बाल पुस्तकालय का कोई स्थायी सदस्य नहीं बन सका है। बाल पुस्तकालय तो महीनों से बंद चल रहा है। वहीं, जिला पुस्तकालय में पाठकों की दिक्कतें दूर नहीं हो पा रही हैं। केटलॉग के अभाव में पाठकों को मन पसंदीदा पुस्तकें ढूंढने में कठिनाई होती है। इसे ध्यान में रखकर शासन ने ई ग्रंथालय की स्थापना को हरी झंडी दे दी थी, लेकिन किताबों की ऑफलाइन फीडिंग में लेटलतीफी के चलते योजना परवान नहीं चढ़ पाई। इस समय पुस्तकालय में उपलब्ध छब्बीस हजार में से करीब पंद्रह सौ किताबों की ऑफलाइन फीडिंग हो सकी है। इससे पहले पाठकों को ऑनलाइन पुस्तकें कंप्यूटर पर उपलब्ध कराने की योजना चलाई गई वह भी ठंडे बस्ते में चली गई। इसके लिए पुस्तकालय में पांच कंप्यूटरों का इंतजाम किया गया था, इनमें तीन कंप्यूटरों में तकनीकी कमी बनी हुई है, जिससे वह अनुपयोगी साबित हो रहे हैं। बीते महीनों में एक क्योस्क मशीन आई जो इंटरनेट कनेक्शन के अभाव में शोपीस बनकर रह गई है। इस मशीन के माध्यम से रोजगारपरक जानकारियों के साथ विभिन्न समाचार पत्र एवं चैनलों को देखने की व्यवस्था की गई है।
.......
पुस्तकालय अध्यक्ष का पद चल रहा खाली
लंबे समय से पुस्तकालय अध्यक्ष का पद खाली चल रहा है। यहां मधुलिका खरे के बाद कुछ महीनों के लिए एक पुस्तकालय अध्यक्ष की तैनाती हुई थी जो गैर जनपद चले गए। इसके बाद जीआईसी के प्रवक्ता अमित शुक्ला को इसका प्रभार दिया गया। वर्तमान में उनका भी स्थानांतरण अन्य जनपद हो गया है। इस समय एक जिला समन्वयक, एक कंप्यूटर आपरेटर व आफिस बाय आउटसोर्सिंग कर्मचारी हैं, जिनका कार्यकाल तीस जून को समाप्त हो रहा है। उनके नवीनीकरण पर संशय बना हुआ है।
.....
फोटो 5
कैप्सन शोभाराम
नेट परीक्षा को नहीं मिलती सामग्री
बैंक की प्रतियोगी परीक्षा की नवीन पुस्तकों का अभाव है। इसके अलावा नेट परीक्षा के लिए सामग्री नहीं मिलता है। पुस्तकालय में प्रतियोगी परीक्षा के लिए ज्यादा से ज्यादा पुस्तकों की उपलब्धता कराई जाए, जिससे कि परीक्षा की तैयारी कर रहे पाठकों का जुड़ाव हो सके।
शोभाराम, छात्र
बीएससी कृषि
......
फोटो 6
कैप्सन राकेश मोहन
नये प्रकाशन की प्रतियोगी पुस्तकें मंगाईं जाएं
पुस्तकालय में गद्य एवं पद्य की दर्जनों पुस्तकें उपलब्ध हैं। प्रतिस्पर्धा के दौर में छात्रों के लिए प्रतियोगी किताबों की जरूरत होती है। लेकिन, यहां सालों पुरानी पुस्तकें ही पाठकों को उपलब्ध कराई जाती हैं। जिससे पाठकों का जुड़ाव पुस्तकालय से नहीं हो पाता है। इस ओर ध्यान देने की आवश्यकता है।
राकेश मोहन
.....
फोटो 7
कैप्सन बलराम दुबे
केटलॉग से पुस्तक का चयन होगा आसान
पुस्तकालय में केटलॉग नहीं होने से पुस्तकों को खोजने में काफी दिक्कत होती है। यदि घर से कोई पुस्तक सोचकर आए तो वह पुस्तकालय में बड़ी मुश्किल से मिल पाती है। कई बार तो एक अलमारी से दूसरी अलमारी के चक्कर लगाने पड़ते हैं तब जाकर किताब हाथ लग पाती है। पुस्तकालय को आनलाइन करने की जरूरत है।
बलराम दुबे
.....
फोटो 8
कैप्सन विक्रम
लेटलतीफ आते हैं रोजगार समाचार पत्र
पुस्तकालय में रोजगार समाचार पत्र लेटलतीफ आते हैं। कई बार तो रोजगार के लिए निकले विज्ञापन की तिथि ही निकल जाती है। रोजगार समाचार पत्रों को समय से मंगवाया जाए ताकि पाठक उसका लाभ उठा सकें।
विक्रम
........
बदला जा रहा चार्ज
जिला पुस्तकालय की व्यवस्था सुधारने की जिम्मेदारी जीजीआईसी की प्रधानाचार्य पूनम मलिक को सौंपी जा रही है। जब तक कोई स्थायी पुस्तकालयाध्यक्ष नहीं आता है तब तक प्रधानाचार्य को अतिक्ति प्रभार दिया जा रहा है। डा. आरपी वर्मा
जिला विद्यालय निरीक्षक ललितपुर