ललितपुर। तीन माह में विभिन्न क्षमताओं के 596 ट्रांसफार्मर ओवरलोड या अन्य कारणों के चलते खराब हुए, जबकि बारिश, बाढ़ और बिजली गिरने से विभिन्न क्षमताओं के 30 ट्रांसफार्मर खराब हुए। मई और जून में भीषण गर्मी ने कहर ढाया, इससे ओवरलोड के चलते ट्रांसफार्मर भी खूब खराब हुए। सबसे अधिक 100 केवी से कम क्षमता के ट्रांसफार्मर खराब हुए, जबकि इससे अधिक क्षमता के मात्र 34 ट्रांसफार्मर ही खराब हुए।
आंकड़ों के अनुसार अप्रैल से जुलाई के अंत तक दस केवीए के 137, 16 केवीए के 33, 25 केवीए के 321 और 63 केवीए क्षमता के कुल 71 ट्रांसफार्मर खराब हुए। जबकि 100 केवीए के 26, 250 केवीए के पांच और 400 केवीए के तीन ट्रांसफार्मर खराब हुए। इस प्रकार 100 केवीए से कम क्षमता वाले 562 और 100 से अधिक क्षमता वाले मात्र 34 ट्रांसफार्मर खराब हुए।
लगाई जा रही प्रोटेक्शन डिवाइस : ट्रांसफार्मर को ओवरलोड से बचाने के लिए प्रोटेक्शन डिवाइस लगाई जा रही है। इसका असर भी देखने को मिल रहा है। इस डिवाइस से विभाग ने कई ट्रांसफार्मर खराब होने से बचा लिए।
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100 केवीए से अधिक क्षमता वाले सभी ट्रांसफार्मरों पर सौ फीसदी टेललेस यूनिट लगा दी गई है। जबकि, सौ केवीए से कम क्षमता वाले ट्रांसफार्मरों में चालीस फीसदी ट्रांसफार्मरों में फ्यूज सेट लगाए जाने हैं, जिनमें 75 फीसदी फ्यूज लगा दिए गए हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में ट्यूबवेल वाले ट्रांसफार्मरों में कटिया कनेक्शन डालने से ओवरलोड की स्थिति बन जाती है। ऐसे ट्रांसफार्मरों को चिह्नित किया जा रहा है और लोगों को भी जागरूक किया जा रहा है, ताकि अतिरिक्त कनेक्शन लेने पर उन ट्रांसफार्मरों का लोड बढ़ाया जा सके।
-वीरभद्र सत्यार्थी, प्रभारी अधीक्षण अभियंता, विद्युत।