गृहकर व जलकर की अप्रत्याशित बढ़ोत्तरी का किया विरोध
बुविसे ने गृहकर, जलकर वृद्धि वापस लेने की मांग की
अमर उजाला ब्यूरो
ललितपुर। नगर पालिका परिषद द्वारा गृहकर एवं जलसंस्थान द्वारा जलकर की वार्षिक दरों में अप्रत्याशित रूप से की गई भारी वृद्धि से शहरवासी परेशान हैं। बुंदेलखंड विकास सेना ने दरों में हुई वृद्धि को वापस लेने की मांग की है।
बुविसे कार्यकर्ताओं ने कहा कि सैकड़ों रुपये में आने वाले बिल अब हजारों और लाखों में तब्दील हो गए हैं। बिल देखकर मकान मालिकों के होश फाख्ता हो गए हैं। नगरवासियों में प्रदेश शासन और जिला प्रशासन को नीतियों पर भारी नाराजगी और रोष देखने मिल रहा है। नगर पालिका परिषद द्वारा ऑफिस में बैठकर मकानों की नापजोख दिखाकर स्वयं ही गृहकर निर्धारित कर दिया है। नगर की जनता को अंधेरे में रखकर हजारों-लाखों रुपये के बिल व नोटिस थमाए जा रहे हैं। इसी प्रकार जलसंस्थान द्वारा जलकर निर्धारण कर उनके भी वसूली नोटिस दिए जा रहे हैं। प्रदेश के अन्य जनपदों व झांसी जनपद में जनता के तीव्र विरोध व जनप्रतिनिधियों के हस्तक्षेप से गृहकर व जलकर की बढ़ी राशि को समाप्त कर दिया गया है। लेकिन ललितपुर नगर में प्रशासन, नगर पालिका परिषद, जलसंस्थान द्वारा कोई कारगर कदम नहीं उठाया गया है और न ही जनता को राहत दी जा रही है। बुंदेलखंड विकास सेना के कार्यकर्ताओं ने उक्त प्रमुख समस्याओं को लेकर वृहद आंदोलन, धरना प्रदर्शन, जिला मुख्यालय पर करने की चेतावनी दी है। साथ ही यह भी चेतावनी दी है कि यदि शासन प्रशासन नहीं चेता तो हल्ला बोल आंदोलन व अनशन, सत्याग्रह भी चलाया जाएगा। इस मौके पर मीडिया प्रभारी राजमल जैन बरया, अमर सिंह बुंदेला, राजकुमार कुशवाहा, कदीर खां, पहलवान, गफूर पेंटर, मुुन्ना त्यागी, कामताप्रसाद मिश्रा, ओमकार सिंह तोमर, बृजेंद्र पाराशर, बृजेश शर्मा, नंदराम कुशवाहा, खुशाल बरार, रवि जैन, प्रशांत जैन, अंकुर, संतोष, रवि रैकवार, विनोद साहू, मदन गोपाल आदि उपस्थित रहे।