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नपाध्यक्ष के लिए गली की हड्डी बनेगी स्वकर

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नपाध्यक्ष को गली की हड्डी बनेगा स्वकर
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ललितपुर।
नगर पालिका परिषद की आय बढ़ाने में नवनिर्वाचित अध्यक्ष के लिए सबसे बड़ी चुनौती स्वकर बनेगी। पालिका प्रशासन अभी तक नवीन मकानों को ही इसके दायरे में ले सका है, जबकि सैकड़ों की संख्या में पुराने भवन इससे छूटे हुए हैं। पालिका के खाली खजाने की वजह से इसका विपरीत असर शहर के विकास कार्यों पर पड़ रहा है।
नगर पालिका परिषद की आय बढ़ाने का मुख्य स्रोत टैक्स की वसूली है। वर्ष 2014 से पहले तक मकानों से टैक्स लेने की व्यवस्था दोषपूर्ण रही है। उस दौरान पांच पार्षदों की कमेटी गठित की जाती थी, जो मकानों के टैक्स संबंधी समस्याओं को सुनते थे। गठित कमेटी मनमाने तरीके से किसी का भी निर्धारित टैक्स कर देते थे। ऐसे में पालिका की टैक्स वसूली का लक्ष्य पूरा नहीं हो पाता था। वर्ष 2015 में इस व्यवस्था को बदलते हुए स्वकर प्रणाली अपनाई गई। पालिका ने इसका गजट नोटिफिकेशन करा दिया है। इसके उपरांत एक फर्म को नामित करते हुए उसे शहर में मकानों के सर्वे की जिम्मेदारी दी गई, तब से लेकर अब तक इसे गंभीरता से नहीं लिया गया। नामित फर्म भी इस कार्य को सुस्ती से करती रही। वर्तमान में नामित फर्म अवशेष सत्यापन कार्य को पूरा नहीं कर पाई है। इस लेटलतीफी के चलते पालिका की आय में बढ़ोत्तरी नहीं हो पा रही है। हालांकि, पालिका कर्मियों ने अपनी कमियों को छिपाने के लिए नये मकानों को स्वकर के दायरे में ले लिया है। लेकिन पुराने भवन अभी भी टैक्स वसूली से छूटे हैं। अब जबकि नवनिर्वाचित अध्यक्ष रजनी साहू की शपथ का कार्यक्रम तय हो गया है। उनके पदभार संभालने के उपरांत सबसे पहले स्वकर प्रणाली को सभी मकानों को दायरे में लेने का मामला आएगा। यदि उन्होंने इसे धरातल पर उतार दिया तो इसका बोझ आम नागरिकों पर पड़ना तय माना जा रहा है। नागरिकों को तब से मकान टैक्स देना होगा जब से इसका गजट हुआ है। इस हिसाब से करीब तीन सालों का टैक्स एक साथ भरना पड़ सकता है जो लोगों की नाराजगी का कारण बन सकता है। आने वाले दिनों में अध्यक्ष स्वकर के मामले में क्या कदम उठाती है? इस पर सभी नजरें रहेगी।
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स्वकर तो पहले से है लागू
जिस दिन स्वकर प्रणाली का गजट जारी हुआ था, उस दिन से इसे लागू माना जाएगा। नामित फर्म ने मकानों का सर्वे पूरा कर लिया है। अब सभी मकान इसके दायरे में आ जाएंगे।
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अवनींद्र कुमार, अधिशासी अधिकारी
नगर पालिका परिषद ललितपुर।

क्या है स्वकर प्रणाली
स्वकर प्रणाली में भवन व प्लाट की लंबाई-चौड़ाई, बनावट, आकार, मुहल्ला गली की चौड़ाई को ध्यान में रखकर मकान का टैक्स तय किया जाना है। इसमें पहले भवन मालिक नियमों के तहत टैक्स खुद तय करता है। जब पालिका इससे सहमत नहीं होती है तो उसमें सुधार कर कर निर्धारित किया जाता है।
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