एबीआरसी चयन परीक्षा के परिणाम घोषित, आवंटन का इंतजार
अमर उजाला ब्यूरो
ललितपुर। बहुप्रतीक्षित व बहुचर्चित एबीआरसी नवीन चयन परीक्षा का परिणाम घोषित हो गया है, लेकिन इसके बाद भी प्रतीक्षा और चर्चा अभी भी थमी नहीं है। नवीन चयनित एबीआरसी अब ब्लॉक जारी होने की प्रतीक्षा कर रहे हैं, तो वहीं अनर्ह सूची में शामिल आवदेक का परीक्षा में शामिल होना और दोनों की अनर्ह आवेदकों का चयन होना भी चर्चा का विषय बना हुआ है।
जनपद में लंबे समय से रिक्त चल रहे कुल 31 पदों के सापेक्ष एबीआरसी(सह समन्वयक) नवीन चयन की लिखित परीक्षा विगत 15 सितंबर को और साक्षात्कार 16 सितंबर को जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान में आयोजित कराई गई थी। इसके लिए माह मई में ही आवदेन जमा करा लिए गए थे, जिसमें सहायक अध्यापकों के कुल 114 आवेदन आए थे, लेकिन परीक्षा देने वालों में कुल 81 परीक्षार्थी थे, लेकिन इनमें से भी दो ने साक्षात्कार की दौड़ में हिस्सा नहीं लिया था। जिला प्रशासन की निगरानी में आयोजित हुई इस एबीआरसी चयन परीक्षा का परिणाम बृहस्पतिवार को चयन समिति के द्वारा जारी कर दिया गया है। विज्ञान विषय के सह-समन्वयक के लिए कुल 30 शिक्षकों ने परीक्षा दी थी, इनमें से ललिता खरे, अनिल कुमार बबेले, संतोष सिंह निरंजन, अनिल कुमार पटैरिया व दीप्ति जैन का चयन हुआ है। सामाजिक विज्ञान शिक्षा सह-समन्वयक के लिए कुल 16 शिक्षकों ने परीक्षा दी थी, इनमें से हरिनारायण चौबे, रामप्रताप कुशवाहा, संजय कुमार सेन, राजेश कुमार, आशोक कुुमार श्रीवास व महेश कुमार का चयन हुआ है। गणित विषय के सह-समन्वयक के लिए कुल 24 शिक्षकों ने परीक्षा दी थी, इनमें से प्रशांत कुमार, बसंत कुमार जैन, अरविंद सिंह, सुनील कुमार पुरोहित व सिंघई विकास जैन का चयन हुआ है। वहीं हिंदी विषय के छह पदों के सापेक्ष मात्र सात ही शिक्षकों ने परीक्षा दी थी, इसमें शीलचंद्र जैन, सकीराम, दीपा सिंधी, चंद्र प्रताप सिंह, शकुंतला कुशवाहा व जयकुमार तिवारी का चयन हुआ है। इसके अलावा अंग्रेजी विषय के कुल छह सह-समन्वय पदों के सापेक्ष मात्र 04 शिक्षकों ने ही परीक्षा दी थी, इसमें चारों ही शिक्षकों पंकज जैन, अमित कुमार श्रीवास्तव, हाकिम सिंह व संतोष सिद्दकी का चयन हुआ है।
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अपात्रों का परीक्षा देना और चयन हो जाना बना चर्चा का विषय
सह-समन्वयक बनने के लिए कुल 114 सहायक शिक्षकों ने आवेदन किए थे। इनमें से 14 आवेदकों के आवेदन सह समन्वयक चयन समिति के द्वारा निरस्त कर दिए गए थे। दो आवेदकों बसंत कुमार जैन और अशोक कुमार श्रीवास को सह-समन्वयक चयन समिति ने अपात्र घोषित कर दिया था और परीक्षा के दौरान केंद्र पर चस्पा अपात्रों की सूची में दोनों शिक्षकों का नाम भी था, इसके बावजूद भी दोनों ही आवेदकों द्वारा लिखित परीक्षा व साक्षात्कार दिया गया था। यह तभी से शिक्षा विभाग में चर्चा का विषय बना हुआ था। अब दोनों ही शिक्षक आवेदकों का सह-समन्वयक में चयन भी हो गया है, तो अब दोबार चर्चा का विषय बन गया है। गौरतलब है कि उक्त दोनों नवीन चयनित एबीआरसी पूर्व में भी एबीआरसी थे, लेकिन दोनों के खिलाफ विभाग द्वारा की गई दंडात्मक कार्रवाई के चलते एबीआरसी पद से हटाकर मूल विद्यालय शिक्षक के तौर पर वापस भेज दिया गया था। अब ब्लॉक आवंटन को लेकर भी चर्चाओं का बाजार गर्म है। ब्लॉक आवंटन में जखौरा ब्लॉक पाने के लिए सह-सहमन्वयकों में होड़ लगी हुई है, क्योंकि जखौरा ब्लॉक का संसाधन केंद्र जिला मुख्यालय पर ही बना है। ब्लॉक आवंटन के सम्बंध में कोई शासनादेश भी नहीं है। इसलिए सभी नवीन एबीआरसी अपनी-अपनी गोटी फिट करने में लग गए हैं। इसमें सबसे ज्यादा चर्चा का विषय यह बना हुआ है कि हिंदी विषय के नवीन चयनित सह-समन्वयक में दो शिक्षिकाएं शामिल हैं, इसमें एक सदर विधायक रामरतन कुशवाहा की पत्नी शकुंतला कुशवाहा है, लगभग यह तय मना जा रहा है, कि जखौरा ब्लॉक का अवांटन इन्हीं को होगा। वहीं जो दूसरी शिक्षिका डा.दीपा सिंधी है उनके पति भगवतदयाल सिंधी जो भाजपा के वरिष्ठ नेता है। अब यह मामला दोनों ही भाजपा नेता पति की प्रतिष्ठा का प्रश्न बनकर खड़ा हो गया है, आखिर कौन अपनी पत्नी को जखौरा ब्लॉक दिलाने में सफल होता है।