ललितपुर। कुआंघोषी गेहूं खरीद केंद्र पर खुले में पड़ा करीब पांच सौ क्विंटल गेहूं बुधवार को हुई बारिश में भीग गया। यहां तुलाई के इंतजार में खड़े कई किसानों को भी बारिश से नुकसान झेलना पड़ा है। ऐसे में खरीद केंद्रों की व्यवस्थाओं की पोल खुल गई है।
शासन ने जिले में एक लाख 43 हजार 500 मीट्रिक टन गेहूं खरीद का लक्ष्य रखा है। पूरे जिले में 113 क्रय केंद्रों पर खरीद की जा रही है। 30 मई तक 84 हजार 517 मीट्रिक टन गेहूूं खरीद की जा चुकी है। बारिश से बचाने के लिए कोई इंतजाम नहीं किए जाने से कई क्रय केंद्रों पर बुधवार को भारी मात्रा में गेहूं भीग गया। महरौनी और मड़ावरा तहसील के क्रय केंद्रों पर अनाज को नुकसान पहुंचा है। कुआंघोषी सहकारी समिति के खरीद केंद्र पर बड़ी मात्रा में गेहूं खरीदा गया। इसमें से करीब पांच सौ क्विंटल गेहूं बारिश में भीग गया। यहां तुलाई के इंतजार में खड़े कई किसानों का भी अनाज पानी से खराब हो गया है। महरौनी तहसील क्षेत्र के ग्राम पड़वा निवासी किसान रामगोपाल रिछारिया ने बताया कि वह आठ दिन से क्रय केंद्र पर गेहूं की तुलाई के लिए अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं। लेकिन, बुधवार की सुबह तक तुलाई नहीं हो सकी। दोपहर में हुई बारिश से उनका गेहूं भीग गया। उन्हें भारी नुकसान झेलना पड़ा है। ऐसे ही कई अन्य किसानों का अनाज भी खराब हो गया है।
किसानों का कहना है कि गेहूं खरीद केंद्रों पर समुचित व्यवस्थाएं नहीं हैं। जनपद के ज्यादातर केंद्रों पर गेहूं रखने के लिए पर्याप्त जगह नहीं है, और जहां है भी वहां केंद्र संचालकों की लापरवाही से उठान नहीं हो सकी। इस वजह से बुधवार को हुई बारिश में अनाज भीग गया।
मुआयना करवाकर हटवा रहे गेहूं
क्रय केंद्रों पर गेहूूं की सुरक्षा के पूरे इंतजाम किए गए हैं। कहीं भी गेहूं गीला नहीं होने दिया जाएगा। यदि कहीं ऐसी स्थिति है तो तत्काल मुआयना कराकर अनाज को हटाया जाएगा।
- संजय श्रीवास्तव,
जिला खाद्य एवं विपणन अधिकारी।