शौचालय निर्माण में उदासीनता पर 43 ग्राम प्रधानों को नोटिस
ललितपुर। जिले के 43 ग्राम प्रधानों को शौचालय निर्माण में उदासीनता बरतना भारी पड़ गया है। जिला पंचायत राज अधिकारी ने सौ से ज्यादा शौचालयों का निर्माण पूर्ण नहीं कराने वाले प्रधानों को नोटिस जारी किया है, साथ ही ग्राम पंचायतों के कर्मचारियों को अनुशासनात्मक कार्रवाई के लिए आगाह किया है।
जिले की सभी 416 ग्राम पंचायतें खुले में शौचमुक्त (ओडीएफ) घोषित हो चुकी हैं, लेकिन कई ग्राम पंचायतों में अभी भी शौचालय या तो बने नहीं है या फिर अपूर्ण हैं। इसके अलावा छूटे लाभार्थियों के घरों में शौचालय निर्माण के लिए धनराशि भी अवमुक्त कर दी गई है। इसके बाद भी कई ग्राम प्रधान व कर्मचारी इस मामले में बेपरवाह बने हुए हैं। इससे शौचालय निर्माण का पैसा खर्च नहीं हो पा रहा है। वहीं, तमाम ग्राम पंचायतों में खुले शौच की समस्या अभी भी बनी हुई है। जिसे ध्यान में रखकर जिला पंचायत राज अधिकारी श्रवण कुमार सिंह ने ग्राम प्रधानों पर शिकंजा कसना आरंभ कर दिया है। उन्होंने जिन ग्राम पंचायतों में एक सैकड़ा से ज्यादा शौचालय नहीं बने हैं, उन ग्राम पंचायतों के प्रधानों को नोटिस जारी किए हैं, साथ ही संबंधित ग्राम पंचायतों के कर्मचारियों को भी शौचालय निर्माण की प्रगति नहीं बढ़ने पर अनुशासनात्मक कार्रवाई के लिए आगाह किया है। इस मामले में जिलाधिकारी मानवेंद्र सिंह भी सख्त बने हुए हैं। निरीक्षण के दौरान शौचालय अधूरे पाए जाने पर ग्राम पंचायत अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई कर रहे हैं। कुछ ग्राम प्रधानों के पावर सीज करने की कार्रवाई भी की है।
बुधवार को शौचालय निर्माण के संबंध में मीटिंग बुलाई गई है। इससे पहले जिले के 43 ग्राम प्रधानों को नोटिस निर्गत किए गए हैं। इन प्रधानों की ग्राम पंचायतों में सौ से ज्यादा शौचालय बनना अवशेष है।
- श्रवण कुमार सिंह, जिला पंचायत राज अधिकारी