ललितपुर। ऑपरेशन मुस्कान के तहत पुलिस ने इस साल अब तक 54 में से 42 लापता नाबालिगों को खोज निकाला और उनके परिवारों तक सुरक्षित पहुंचाकर उनके चेहरे पर मुस्कान लौटाई।
आए दिन किसी बालक या बालिका के लापता होने की शिकायत थानों में आती रहती है। इस साल जनवरी से अब तक विभिन्न थानों में 54 मामले नाबालिगों के लापता होने के आए। पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया। पुलिस अधीक्षक मोहम्मद मुश्ताक के निर्देशन में चलाए जा रहे ऑपरेशन मुस्कान के तहत पुलिस इनकी तलाश में जुट गई। पुलिस प्रदेश के जनपदों सहित गैर प्रांतों में गई और लापता नाबालिगों के बारे में जानकारी जुटाकर खोजबीन की।
इसका नतीजा यह हुआ कि पुलिस ने अब तक 54 में से 42 लापता बालक बालिकाओं को सकुशल खोज निकाला। शेष 12 बालक-बालिकाओं को लेकर पुलिस टीमें जुटी हुई हैं। पुलिस अधिकारियों के अनुसार इस ऑपरेशन में पुलिस को काफी मशक्कत करनी पड़ी। लेकिन, जब घर परिवार के लोग उनका आभार जताते हैं तो उनको अपनी मेहनत का सार्थक परिणाम दिखता है और इस बात का सुकून होता है कि पुलिस की छवि आमलोगों के बीच कुछ अलग बनी। वहीं पुलिस ने इस साल अब तक कुल 65 गुमशुदा पुरुष और महिलाओं को सकुशल बरामद करने में सफलता पाई है।
किसी को फुसलाकर भगाया तो किसी ने छोड़ा दिया था घर
ऑपरेशन मुस्कान के तहत ऐसे बालक-बालिकाओं को भी सकुशल खोजने में सफलता मिली, जिन्हें या तो बहला फुसलाकर उनके घर से भगा लाया गया था या फिर उन्होंने किसी नाराजगी में घर छोड़ दिया था। कई नाबालिग लड़कियों काे उनकी जिंदगी बर्बाद होने से पहले ही पुलिस ने बरामद कर लिया।
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2024 में 117 नाबालिगों को किया था बरामद
ऑपरेशन मुस्कान के तहत पुलिस ने पिछले वर्ष 2024 में 117 नाबालिगों को खोजकर उनके परिवारों को लौटाया था। सिर्फ एक-दो नाबालिगों के बारे में सुराग नहीं मिल पाया था।
इस साल 18 बाल श्रमिकों का किया रेस्क्यू
बाल श्रम अभियान में इस साल पुलिस ने अब तक 18 बच्चों का रेस्क्यू किया है। इन बाल श्रमिकों को उनके परिजनों के सुपुर्द किया गया। साथ ही बालश्रम करवाने वाले लोगों के खिलाफ कार्रवाई की गई।
बालक-बालिकाओं को सकुशल खोजने के लिए ऑपरेशन मुस्कान अभियान चलाया जा रहा है। इसकी लगातार मॉनीटरिंग की जाती है। कई बालक-बालिकाओं को बरामद किया जा चुका है।
मोहम्मद मुश्ताक, एसपी