रावतयाना में नालियों की सफाई में बाधक बना अतिक्रमण
कहीं सड़क किनारे बह रहा गंदा पानी तो कहीं बजबजा रही नालियां
अमर उजाला ब्यूरो
ललितपुर। शहर के एक छोर पर बसे रावतयाना वार्ड की सफाई व्यवस्था सुदृढ़ नहीं हो पा रही है। कहीं सड़क किनारे नाली का गंदा पानी बह रहा है तो कहीं नालियां बजबजा रही हैं। इसकी प्रमुख वजह वार्ड में पसरा अतिक्रमण और कर्मचारियों की कमी है।
शहर में रावतयाना मुहल्ले को दो वार्डों में विभाजित किया गया है। इसमें रावतयाना प्रथम को वार्ड नंबर 23 व रावतयाना द्वितीय को वार्ड नं.14 में रखा गया है। रावतयाना द्वितीय में नालियों में जगह-जगह कच्चा व पक्का अतिक्रमण हो गया है। यहां प्रभावशाली लोगों ने अपने चबूतरे बना लिए हैं, इससे गंदा पानी नाली की जगह सड़क किनारे से होकर बह रहा है। कैलगुवां तिराहे के पास तत्कालीन ईओ ने नाली निर्माण कराने का प्रयास किया था। इस दौरान दुकान मालिकों ने नाली निर्माण में अडंगा डाल दिया। इसके चलते नाली निर्माण का मामला अधर में लटक गया था जो आज तक जस का तस बना हुआ है। यह मुख्य सड़क का हाल है तो वार्ड के अंदर की स्थिति का अंदाजा आसानी से लगाया जा सकता है। वहीं, वार्ड नं. 23 रावतयाना प्रथम में मुख्य सड़क के किनारे की नालियां बजबजा रही हैं। इसके पीछे कारण कर्मचारियों की कमी बताई जा रही है। पिछले दिनों नवरात्र व दशहरा के आयोजन में नाला गैंग व्यस्त रही। इससे मुख्य सड़क की ही सफाई हो पाई और नालियां छूट गई।
विवाद की स्थिति में नहीं बन पा रही नाली
दुकानदारों के विवाद के चलते नाली का निर्माण नहीं हो पा रहा है। पिछले नगर पालिका वोर्ड ने नाली स्वीकृत करते हुए टेंडर का प्रकाशन कर दिया था लेकिन विरोध के चलते निर्माण नहीं हो पाया।
जमुनाबाई प्रजापति, सभासद, वार्ड नं. 14 रावतयाना द्वितीय
वार्ड में सफाई कर्मियों की कमी
वार्ड नदीपुल से प्रारंभ होकर मसौरा बेरियर तक है। इसमें चौदह बस्तियां बनी हुई हैं, इसके सापेक्ष बारह कर्मचारी ही वार्ड में कार्यरत हैं। इसके अलावा जनता भी जागरूक नहीं है। इस वजह से नालियां साफ नहीं रह पा रही हैं।
जहीर अली रानू, सभासद, वार्ड नं.23 रावतयाना प्रथम
कैलगुवां तिराहे पर नहीं है प्रसाधन केंद्र
बाईपास कैलगुंवा तिराहे पर महिलाओं के लिए प्रसाधन की सुविधा नहीं है। इस वजह से महिलाओं को शर्मसार होना पड़ता है। सभासद जमुनाबाई इस मांग को बोर्ड बैठक में रखी चुकी हैं लेकिन यहां प्रसाधन केंद्र अब तक स्वीकृत नहीं हो पाया है।