पिक्चर शो टाइम से करेंगे लोगों को जागरूक
पाली। रुपहले पर्दे पर फिल्म के साथ-साथ सरकारी योजनाओं को दिखाकर लोगों को जागरूक करने के उद्देश्य से तहसील मुख्यालय पाली में कनेक्ट कंसल्टेंट के पिक्चर टाइम का सफर शुरू हो गया। जिलाधिकारी मानवेंद्र सिंह ने चलते फिरते अस्थायी सिनेमा हॉल का फीता काटकर शुभारंभ किया। उत्तर प्रदेश में पहली बार पाली में शुरू हुए इस सिनेमा को लेकर ग्रामीण बेहत उत्साहित हैं। शुभारंभ के अवसर पर कनेक्ट कंसल्टेंट की सीईओ सौम्या चंद्रा ने जिलाधिकारी, उपजिधिकारी पाली का आभार व्यक्त किया।
कार्यक्रम का शुभारंभ करते जिलाधिकारी मानवेंद्र सिंह ने कहा कि अच्छी फिल्में संचालित हो जिसके माध्यम से मनोरंजन, शिक्षा एवं आर्थिक लाभ ग्रामीण जनता को मिल सके। जिसके लिए फिल्म निर्माता निर्देशक श्याम बेनेगल का भी जिक्र किया। आगे देवगढ़ महोत्सव में सिने अभिनेता राजा बुंदेला के टपरा टॉकीज ( बांस , बल्ली , त्रिपाल की मदद से तैयार होने वाले ) को प्रोहत्साहित करने की भी बात कही । सीईओ सौम्या चन्द्रा ने बताया कि सिंचाई, ग्रामीण रोजगार, चफसल और स्वास्थ्य बीमा योजना, स्वरोजगार, महिला सशक्त करने समेत कई योजनाएं सरकारों की ओर से चलाई जाती हैं। जिनकी जानकारी ग्रामीण क्षेत्रों में नहीं हो पाती है और वह उनका लाभ नहीं ले पाते हैं। इसका प्रमुख कारण है सूचना और संचार माध्यमों की कमी। इन्ही कमियों को पूरा करने के लिए यह थिएटर ग्रामीण क्षेत्र के लोगों के बीच लाया गया। सीएफओ शोभित चंद्रा ने बताया कि ग्रामीण जनता के हितों एवं फिल्मों की रायल्टी को ध्यान में रखते हुए टिकटें दरें न्यूनतम होगी । योजनागत व्यय को विज्ञापन के जरिए जुटाने की कोशिश होगी। इसके बाद जिलाधिकारी ने फीता काटकर पिक्चर टाइम सिनेमा में 16*4 फिट की स्क्रीन तथा डोल्बी साराउंड सिस्टम से सुसज्जित वातानुकूलित सिनेमा थियेटर मे भारत सरकार द्वारा संचालित स्वच्छ भारत अभियान से सम्बंधित एक मिनी शो देखा। जिसके लिए सीईओ समेत उनकी टीम को बधाई दी। इस मौके पर एसडीएम विधेश कुमार, तहसीलदार मनोज कुमार, संजय खरे, कमलेश चौरसिया, अशोक सोनी, रानू दुबे, राम चौरसिया, देवकीनंदन चौरसिया आदि मौजूद रहे।
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ग्रामीण क्षेत्र से संभावना की तलाश ..
पाली । सिनेमा आधुनिक युग में मनोरंजन का सबसे लोकप्रियि साधन बन गया है । सिनेमा की शुरूआत भारत में परतंत्रता काल में हुई । दादा साहेब फाल्के जैसे जुझारू लोगों ने निजी प्रयत्नों से सिनेमा को भारत में प्रतिष्ठित किया । फिर धीरे- धीरे लोगों का सिनेमा के प्रति आकर्षण बढ़ा । आज भारत का चलचित्र उधोग विश्व सिनेमा से प्रतिस्पर्धा कर रहा है । ऐसे में ग्रामीण क्षेत्र से शुरुआत करने वाला यह सिनेमा बड़ी उपलब्धियों को छूने का प्रयास कर रहा है ।
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पहले सुना था अब देखा ...
अपने बीच आए इस रंगमंच को देखने के लिए लोगों में बड़ा उत्साह देखने को मिला । पिक्चर शो की पहली फिल्म ऽपलटन%% को ऐसे भी लोग देखने पहुंचे जिन्होंने सिर्फ एक दूसरे के मुंह से बड़े पर्दे के बारे एवं उस पर चलने वाली फिल्मों के बारे में सुना था , अब देखा तो मजा आ गया । अस्थाई इस थिएटर में एक अच्छे सिनेमा हॉल की तरह लुत्फ है । जिससे लोगों की सिनेमाघर तक न पहुंच पाने की दूरी इस पिक्चर शो टाइम में पूरी हो गयी ।