अधिकांश सेंटर स्वयं सहायता समूह को सुपुर्द करने के बाद नहीं हो सका शुरू
विभाग ने संचालन के लिए सचिव और प्रधान को जारी किया पत्र
संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। ग्राम पंचायतों में स्वच्छ भारत मिशन के तहत ठोस एवं तरल अपशिष्ठ के प्रबंधन के लिए रिसोर्स रिकवरी सेंटर (आरआरसी) तैयार किए गए थे। जिले में 28.96 करोड़ रुपये की लागत से 362 आरआरसी तैयार किए गए। इसमें 284 स्वयं सहायता समूह को संचालन के लिए हस्तांतरित कर दिए गए लेकिन अभी तक इन सेंटरों का संचालन नहीं हो रहा है। इसके लिए जिला पंचायत राज अधिकारी ने सचिव और प्रधानों को पत्र जारी किया है।
ग्राम पंचायतों में कचरा प्रबंधन के तहत आरआरसी का निर्माण कराया गया। जिले की सभी 415 ग्राम पंचायतों में इनका निर्माण होना था लेकिन वर्तमान में 362 का ही कार्य पूर्ण हो सका है। आरआरसी में गांव से निकलने वाले कचरे को एकत्रित कर गीला व सूखा कचरा अलग किया जाना था। गीला कचरे की खाद तैयार करनी थी, जो जैविक खेती के काम में आ सके। वहीं सूखे कचरा जो रिसाइकिल हो सकता है, उसे और अन्य प्लास्टिक कचरे को एक जगह पर एकत्रित करने के बाद जखौरा स्थित प्लांट में भेजना है।
इन सेंटरों का संचालन के लिए जिला पंचायत राज विभाग अब कवायद तेज कर रहा है। सचिवों को चेतावनी दी गई है कि अगर नवंबर के अंत तक सभी आरआरसी संचालित नहीं हुए तो उनका वेतन रोक दिया जाएगा।
जिले में निर्मित आरआरसी
विकास खंड का नाम - ग्राम पंचायत - पूर्ण आरआरसी- निर्माणाधीन
बार - 62- 59 - 3
बिरधा - 83 - 69 - 7
जखौरा - 85 - 71 - 13
मड़ावरा- 65 - 49 - 2
महरौनी - 66 - 61 - 4
तालबेहट - 54 - 53 - 1
20 ग्राम पंचायतों में आरआरसी बनाने के लिए नहीं मिली जमीन
जनपद में 20 ग्राम पंचायतें ऐसी हैं, जहां आरआरसी बनाने के लिए भूमि नहीं मिल पाई है। इनमें विकास खंड बिरधा की आठ ग्राम पंचायतें, जखौरा की तीन ग्राम पंचायतें, मड़ावरा की नौ ग्राम पंचायतें शामिल हैं। इनमें रिसोर्स रिकवरी सेंटर निर्माण के लिए अभी तक भूमि उपलब्ध नहीं हुई है।
वर्जन
आरआरसी संचालन के लिए सचिवों और ग्राम प्रधानों को पत्र लिखा गया है। इस माह के अंत तक सेंटर संचालित न होने पर उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी। जिन ग्राम पंचायतों में भूमि नहीं मिली है, वहां पर भूमि उपलब्ध कराने के लिए तहसील स्तर पर पत्राचार किया गया है। - कुंवर सिंह यादव, जिला पंचायत राज अधिकारी