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योग ने दिया निरोग का संदेश, वाहन प्रदूषण के प्रति जागरुक नहीं लोग

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योग से दिया निरोग रहने का संदेश
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वाहन प्रदूषण के प्रति जागरूक नहीं हैं लोग
जिले में संचालित हैं चार वाहन प्रदूषण जांच केंद्र
अमर उजाला ब्यूरो
ललितपुर। बृहस्पतिवार को शहर में जहां अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर जगह-जगह कार्यक्रम आयोजित कर स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता रहने का संदेश दिया गया, वहीं वाहन प्रदूषण के प्रति जनपदवासी बहुत ज्यादा जागरूक नहीं हैं, जिससे लोग बीमारी की ओर अपनी जिंदगी को धकेले रहे हैं। 50 रुपये बचाने के लिए लोग वाहनों के प्रदूषण की जांच नहीं करा रहे हैं, जबकि यातायात नियमों के तहत बिना प्रदूषण प्रमाण पत्र के वाहन चलाने पर एक हजार रुपये का जुर्माना भरना होता है।
योग के माध्यम से लोगों को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करने और योग अभ्यास कराकर पूर्ण रूप से निरोगी करने के लिए शहर में पतंजलि योग समिति, भारत स्वाभिमान ट्रस्ट, महिला पतंजलि, युवा भारत समिति, युवा भारत मंडल आदि संस्थाओं के द्वारा जगह-जगह रोजाना योग शिविर लगाकर लोगों को निशुल्क योग के गुर सिखाए जा रहे हैं। वहीं, महावीरपुरा स्थित योग भवन में डा. रमेश किलेदार भी योग के माध्यम से लोगों को उनके स्वस्थ्य जीवन जीने की कलाएं सिखा रहे हैं और लोगों को योग के प्रति जागरूक कर स्वस्थ्य रहने का मंत्र दे रहे हैं। सूरज की किरणें निकलने से पहले ही बहुत से लोग स्वच्छ वातावरण में रहकर योग करते हैं और टहलते हैं। लेकिन सूरज निकलने के पहली किरण के साथ ही शहर में सड़कों पर प्रदूषण युक्त वाहनों का धुओं लोगों की स्वांश में जहर घोल रहा है। वहीं दिन बढ़ने के साथ ही पूरा शहर वाहन के प्रदूषण युक्त धुुआं की चपेट में आ जाता है और लोगों की सेहत खराब कर देता है। ऐसे में सुबह-सुबह किए योग का भी उसे सही लाभ नहीं मिल पा रहा है। वहीं शहर में प्रदूषण रोकने के लिए भी पर्याप्त इंतजाम नहीं है और न ही वाहन संचालक ही वाहनों के प्रदूषण की जांच कराने के प्रति ही बहुत ज्यादा जागरूक हैं। हालांकि जुर्माना से बचने के लिए जरूर बहुत से लोग वाहन प्रदूषण की जांच करा लेते हैं। शहर में हर रोज करीब दो से तीन दर्जन वाहन प्रदूषण प्रमाण पत्र नहीं होने पर ही पकड़े जाते हैं और उनसे करीब एक हजार रुपये का जुर्माना वसूला जाता है। जिला में अभी तक कुल चार प्रदूषण नियंत्रण जांच केंद्र स्थापित हैं, जिनमें एक शहर में अभिलाषा पेट्रोल पंप, दूसरा मन्नू पेट्रोल पंप, तीसरा अमझरा घाटी के पहले पेट्रोल पंप पर और चौथा मड़ावरा में स्थापित किया गया है। हालांकि दो नए प्रदूषण नियंत्रण जांच केंद्र महरौनी में खोले जाने प्रस्तावित हैं, जो प्रक्रिया में हैं।
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मिट्टी के तेल से चल रहे पुराने वाहन
शहर में पुराने अधिकांश ऑटो संचालकों द्वारा अपने वाहन मिट्टी के तेल से चलाए जा रहे हैं, जिससे शहर में प्रदूषण बहुत ज्यादा फैल रहा है। कई बार यातायात और परिवहन विभाग द्वारा ऐसे ऑटो संचालकों पर कार्रवाई की गई और चेतावनी भी दी गई, लेकिन अब भी शहर में घासलेट से चलने वाले कई ऑटो खुले आम धड़ल्ले से सड़कों पर फर्राटा भर रहे हैं और लोगों के जीवन में जहर घोल रहे हैं।
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वाहन प्रदूषण के प्रति परिवहन विभाग द्वारा लगातार कार्रवाई की जा रही है, इसके साथ ही पुुलिस, यातायात व अन्य माध्यमों से वाहन प्रदूषण से होने वाले नुकसान बताकर लोगों को जागरूक भी किया जा रहा है। विभाग द्वारा शीघ्र ही बड़ा अभियान चलाकर वाहन प्रदूषण रोकने के उपाय किए जाएंगे।
सतेंद्र कुमार, सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी।
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