किसान कल्याण कार्यशाला में बताईं कृषि योजनाएं
कल्यानपुरा में कल से एक हजार पशुओं को मिलेगा आश्रय
अमर उजला ब्यूरो
ललितपुर। ब्लॉक स्तर पर आयोजित होने वाली किसान कल्याण कार्यशालाओं में कृषक कल्याण योजनाओं के बारे में जानकारियां दी गईं। बिरधा विकास खंड में आयोजित कार्यशाला में जहां शासन द्वारा किसान हित में योजनाओं के बारे में बताया। कल्यानपुरा में निर्मित गोवंश आश्रय स्थल में चार मई को कृषि, कृषि शिक्षा एवं कृषि अनुसंधान/प्रभारी मंत्री द्वारा एक हजार पशुओं का आश्रय देने का शुभारंभ किया जाएगा।
बुधवार को ब्लॉक स्तर पर जनपद में सभी ब्लॉक में किसान कल्याण कार्यशाला का आयोजन किया गया। आयोजनों में विभिन्न विभागों द्वारा स्टॉल लगाकर कृषि योजनाओं और क्रियान्वयन का प्रदर्शन किया गया। अधिकारियों व कृषि वैज्ञानिकों द्वारा खरीफ फसलों में अधिक उत्पादकता बढ़ाए जाने एवं किसानों की आय दोगुनी करने के लिए नई कृषि तकनीकी एवं संचालित योजनाओं की जानकारी कृषकों को दी गई। विकास खंड तालबेहट में जिला कृषि अधिकारी एसएन चौधरी, बार में सहायक निदेशक मत्स्य, मड़ावरा में भूमि संरक्षण अधिकारी देवेंद्र सिंह निरंजन, महरौनी में भूमि संरक्षण अधिकारी डा.राम औतार, खिरिया मिश्र में मुख्य पशुचिकित्साधिकारी डा.एसके शाक्य, प्रभारी के रुप में उपस्थित रहकर नई कृषि तकनीकी एवं विभागीय संचालित योजनाएं बताईं। विकास खंड बिरधा में जिलाधिकारी मानवेंद्र सिंह द्वारा किसानों को प्रधानमंत्री फसल बीमा के तहत बीमा कंपनी, कृषि विभाग, उद्याग विभाग, पशुपालन विभाग, वन विभाग, दुग्ध विभाग, पीएनबी, सिंचाई विभाग, जिला सूचना विभाग धानुका एग्रोटेक आदि स्टॉलों का अवलोकन किया। इसके बाद उन्होंन बताया कि ग्राम कल्यानपुरा में गोवंश आश्रय स्थल का निर्माण कराया गया, जिसमें पांच हजार पशुओं को आश्रय दिया जाना है। चार मई को कृषि, कृषि शिक्षा एवं कृषि अनुसंधान/प्रभारी मंत्री के द्वारा एक हजार पशुओं का आश्रय देने का शुभारंभ किया जाएगा। साथ ही बताया कि गेंहूं खरीद में पूर्ण पारदर्शिता अपनाने के लिए लगातार निरीक्षण किया जा रहा है एवं लापरवाह कर्मचारियों के विरुद्घ दंडात्मक कार्यवाई भी अमल में लाई जा रही है। इसके अलावा उन्होंने किसानों से बाजार में बिचौलियों से दूर रहने का आह्वान भी किया। इसके अतिरिक्त विकास खंड बिरधा में किसान कल्याण कार्यशाला में उपस्थित उपकृषि निदेशक संतोष कुमार सविता द्वारा बताया कि किसान स्प्रिंकलर सैट के सिंचाई प्रणाली पर विशेष जोर दें। ताकि कम पानी में अधिक क्षेत्रफल की सिंचाई की जा सके। जिसके लिए कृषि विभाग ने गत वर्ष 90 एवं 80 प्रतिशत के अनुुदान पर 1388 स्प्रिंकलर सैट का वितरण किया गया है। कृषक खरीफ बुवाई के के शुरुआत में भूमि शोधन एवं बीज शोधन के लिए विधि पूर्वक ट्राईकोडर्मा का प्रयोग अवश्य करें, ताकि फफूंदी नाशक रोग से निजात पाई जा सके। किसान कृषि विभाग के क्षेत्रीय कर्मचारियों, केबीके वैज्ञानिकों एवं प्रभारी कृषि रक्षा इकाई से कृषि तकनीकी की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत फसलों का बीमा जरुर कराएं, ताकि मौसम के विपरीत स्थितियों में फसलों के नुकसान की भरपाई की जा सके। जखौरा कृषि विज्ञान केंद्र खिरियामिश्र में सांसद प्रतिनिधि प्रदीप चौबे, बिरधा में महामंत्री बब्बू, सुरेश प्रकाश कौंते, सुरेश कुमार टोंटे, वंशीधर श्रीवास, जिला उद्यान अधिकारी सुघर सिंह, कृषि वैज्ञानिक सरिता, विकास खंड बार में भाजपा जिलाध्यक्ष रमेश लोधी, तालबेहट में सदर विधायक रामरतन कुशवाहा, मुड़ावरा में श्रम राज्यमंत्री के पुत्र चंद्रशेेखर पंथ आदि उपस्थित रहे।