भाभी के लिए भैया हैं स्टार प्रचारक
ललितपुर। नगर पालिका परिषद के अध्यक्ष व सभासद पद के चुनाव में महिला उम्मीदवारों के लिए उनके पति स्टार प्रचारक साबित हो रहे हैं। अधिकांश महिला प्रत्याशी पति की छवि के सहारे चुनाव मैदान में डटी हुई हैं। हालांकि, कुछ को पति की दागी छवि का नुकसान भी उठाना पड़ रहा है।
नगर पालिका परिषद के अध्यक्ष पद के लिए चौदह महिला उम्मीदवार अपना भाग्य आजमा रही हैं तो विभिन्न वार्डो में भी कई महिला प्रत्याशी खड़ी हैं। इनमें से अधिकांश महिला उम्मीदवारों को न तो राजनीति का ककहरा आता है और न ही कभी समाजसेवा से लेनादेना रहा है। ऐसे में उन्हें अपने चुनाव की हवा बनाने में मुश्किल आ रही है। हालांकि, उनके पति प्रचार की बागडोर अपने हाथों में लिए हुए हैं। यही नहीं, वह अपनी छवि को बेहतर बताकर जनता से पत्नी के लिए वोट मांग रहे हैं। इस दौरान तमाम समर्थक उम्मीदवार की जगह उनके पति के समर्थन में नारे लगाते दिख रहे हैं। जब जनसंपर्क में परिचय की बात आ रही है तो उस समय पति अग्रिम पंक्ति में खड़े नजर आ रहे हैं, जबकि महिला उम्मीदवार कई जगहों पर सहम जाती हैं। यदि कोई वार्ड व शहर में काम कराने की बात करता है तो पत्नी कुछ कहें, उससे पहले पति अपनी उपलब्धि गिनाने लगते हैं। इतना ही नहीं, नगर विकास के ऐसे वायदे कर रहे हैं कि अगली स्मार्ट सिटी ललितपुर ही बन जाएगी। कई उम्मीदवारों के साथ दागी समर्थक प्रचार को आगे बढ़ाने की जगह उसे बिगाड़ रहे हैं। कई ऐसे चेहरे हैं जिन्हें नगर की जनता देखना भी पसंद नहीं करती है, इसके बाद भी ऐसे लोग प्रचार के अगुआ बने हुए हैं। कुछ महिला उम्मीदवारों के पति की छवि दागदार है जो उनके विजयी रथ में बाधक बन रहा है, जो लोग पहले से राजनीति में सक्रिय हैं और जिम्मेदार पद पर रहे हैं, वर्तमान में उनके पास गिनाने के लिए कुछ नहीं है, बल्कि इसके विपरीत कार्यकाल में की गई कारगुजारियों को लेकर जरूर कानाफूसी हो रही है। कई उम्मीदवारों के पति खुद को ऐसे प्रस्तुत कर रहे हैं जैसे कि वह सबसे बड़े समाजसेवी हैं, कुछ स्वयं को अब तक का सबसे बड़ा ईमानदार बता रहे हैं। हालांकि, मतदाता इन सब पर कुछ भी नहीं बोल रहे हैं। चुनाव परिणाम पर ही पता चलेगा कि मतदाताओं ने किसे अपनी कसौटी पर खरा पाया है।