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हाइटेंशन करंट बन रहा मौत की वजह

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बारिश में फाल्ट से बचाव के इंतजाम नहीं

अमर उजाला ब्यूरो
ललितपुर। बारिश शुरू होने वाली है, लेकिन विद्युत विभाग सतर्क नहीं दिख रहा है। यही वजह है कि अब तक बारिश में फाल्ट से बचाव की तैयारियों पर काम नहीं शुरू किया गया है। इससे हाइटेंशन लाइनों में करंट आने से जान माल का नुकसान उठाना पड़ता है।
बिजली विभाग द्वारा जनपद को रोशन करने के लिए शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में हाइटेंशन लाइनों का जाल बिछाया गया है। इसके लिए जहां शहर में तीन विद्युत विद्युत सब स्टेशनों और ग्रामीण क्षेत्रों में 11 विद्युत सब स्टेशनों से निकले विभिन्न फीडरों के माध्यम से घरों व प्रतिष्ठानों एवं सरकारी गैर सरकारी कार्यालयों को बिजली आपूर्ति की जाती है। बारिश के दौरान होने वाले फाल्ट से बचाव के उपाय विभाग द्वारा नहीं किए गए हैं। गत तीन से चार महीनों से हाइटेंशन लाइनों के करंट की चपेट में आने से कई लोगों की मौत हो चुकी है। विभाग के ही पांच लाइनमैनों की भी करंट से मौत चुकी हैं। इसके बाद भी विभाग द्वारा कमियों को दूर करने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठा रहा है।
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टेंशन दे रही छत से गुजरी हाइटेंशन
शहर में दर्जनों घरों के ऊपर से 11 हजार केवी हाइटेंशन लाइन गुजर रही है। यहां गार्डिंग न करने से लोगों को हादसे की आशंका सता रही है। इस ओर विभाग का कोई ध्यान नहीं है। बारिश के दिनों में मुहल्ला पिसनारी में नहर के पास मकानों की छतों से निकले इन तारों का हाइटेंशन करंट कई बार घरों में दौड़ जाता है। यहां काम करते समय कई मजदूरों को करंट तक लग चुका है। इसी प्रकार महरौनी के मड़ावरा रोड पर बने स्कूल प्रांगण के बीचोबीच निकले विद्युत तार भी हादसों को आमंत्रण दे रहे हैं।

खुले में रखे ट्रांसफार्मर भी बने मुसीबत
शहर में दर्जनों स्थानों पर ट्रांसफार्मर खुले में रखे हैं। घंटाघर स्थित डाकघर के सामने दो ट्रांसफार्मर, महावीर प्याऊ के से सटकर रखा बीच बाजार में रखा ट्रांसफार्मर, तलैयापुरा में खुले में रखा ट्रांसफार्मर जिसका प्लंथ भी टूट गया है, बड़ी टंकी के पास रखा ट्रांसफार्मर खुले में रखे हैं। यह ट्रांसफार्मर आए दिनों ओवरलोड या अन्य तकनीकी फाल्ट के चलते धमाके के साथ खराब हो जाते हैं। बारिश के दिनों में इन ट्रांसफार्मरों से करंट का खतरा भी बढ़ जाता है। विभाग द्वारा स्टीमेट बनाकर ट्रांसफार्मरों के चारों ओर सुरक्षा कवच बनाने का दावा किया जाता है, लेकिन धरातल पर वर्षों से कोई खास कार्रवाई अमल में नहीं लाई जा रही हैं।


अंडरग्राउंड केबल में मानकों की अनदेखी
विद्युत आपूर्ति व्यवस्था सुधारने और विद्युत चोरी रोकने के लिए नगर में 44 करोड़ रुपए की लागत से अंडर ग्राउंड केबल बिछाई जा रही है। लेकिन कार्यदायी संस्था द्वारा मानकों की अनदेखी की जा रही है। कई स्थानों पर मानक अनुसार खुदाई काफी कम की गई है, जिससे बारिश के दिनों में केबल में फाल्ट पर गंभीर हादसा होने की संभावना बनी रहेगी। ट्रंच बनाने में भी मानकों की अनदेखी की गई है, जो हादसों का कारण बन सकती है।
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गार्डिंग और जाली के लिए एस्टीमेट भेजा है
समय-समय पर हाईटेंशन लाइनों और ट्रांसफार्मरों की मरम्मत की जाती है। यदि कहीं कोई समस्या है तो विभाग द्वारा उसे तत्काल दूर किया जाएगा। ट्रांसफार्मर की जाली व हाईटेंशन लाइनों की गार्डिंग के लिए एस्टीमेट बनाकर अधिकारियों को भेजा गया है।
- अखिलेश कुमार वर्मा, उपखंड अधिकारी
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