फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

एक वर्ष से कोष पर मारे कुंडली, कब बनेगा कांजी हाउस

विज्ञापन
विज्ञापन

विज्ञापन
पानी में जाएंगे जनता के 35 लाख रुपये!

अमर उजाला ब्यूरो
ललितपुर। जनपद में अन्ना जानवरों के लिए कांजी हाउस का निर्माण नहीं हो पा रहा है। तत्कालीन जिलाधिकारी ने मुक्तिधाम की जमीन पर इसे बनाने की अनुमति दी तो निर्माण में करीब 35 लाख रुपये खर्च कर दिए गए, लेकिन वर्तमान जिलाधिकारी ने उक्त निर्माण नियमसंगत नहीं बताते हुए रोक लगा दी है। ऐसे में इस पर खर्च हुआ जनता का पैसा बर्बाद होता दिख रहा है। वहीं, लंबे समय से कांजी हाउस की मांग कर रहे लोगों को भी निराशा हो रही है।
अन्ना पशुओं के लिए कांजी हाउस बनाने की लंबे समय से मांग की जाती रही है। तत्कालीन जिलाधिकारी और मंडलायुक्त की अनुमति के बाद अप्रैल में सुरईघाट मुक्तिधाम की करीब ढाई एकड़ जमीन पर निर्माण कार्य शुरू किया गया। इससे लोगों को खुशी हुई। डेढ़ माह तक चले निर्माण में करीब 35 लाख रुपये खर्च हो गए। इस बीच जिलाधिकारी बदल गए। नए जिलाधिकारी मानवेंद्र सिंह ने मुक्तिधाम की जमीन पर निर्माण को गलत बताते हुए कांजी हाउस पर रोक लगा दी। ऐसे में यदि इस निर्माण को ध्वस्त किया जाता है तो जनता के 35 लाख रुपए बर्बाद हो जाएंगे।
विज्ञापन

इस संबंध में जिलाधिकारी मानवेंद्र सिंह का कहना है कि मुक्तिधाम की जमीन पर कोई अन्य कार्य नहीं किया जा सकता है। इसके चलते यह निर्माण रुकवाया गया है। जब मुक्तिधाम की जमीन पर निर्माण नहीं किया जा सकता है तो पूर्व में कांजी हाउस बनाने की सहमति क्यों दी गई। अनुमति देकर जनता के धन का दुरुपयोग किया गया है। गो सेवकों और नागरिकों ने मामले की जांच की मांग की है।

जिला प्रशासन को उपलब्ध करानी थी मुफ्त में जमीन
शासनादेश के अनुसार कान्हा पशु आश्रय योजना के तहत कांजी हाउस के लिए जिला प्रशासन को मुफ्त में जमीन उपलब्ध करानी थी। नगर पालिका को कांजी हाउस के लिए स्वीकृत 3.49 करोड़ रुपए के सापेक्ष प्रथम किश्त के रुप में 1.74 करोड़ रुपए और नगर पंचायत तालबेहट को स्वीकृत 3.41 करोड़ रुपए के सापेक्ष प्रथम किश्त के रुप में 1.70 करोड़ रुपए उपलब्ध करा दिए थे। लेकिन अभी तक जिला प्रशासन व नगर निकाय कांजी हाउस के निर्माण के लिए जमीन उपलब्ध नहीं करा पाया है। शासनादेश में साफ निर्देश हैं कि यदि नगर निकाय के पास जमीन उपलब्ध नहीं है तो जिलाधिकारी कांजी हाउस के निर्माण के लिए मुफ्त में जमीन उपलब्ध कराएंगे, लेकिन शासनादेश के अनुपालन में अभी तक ऐसा नहीं हो सका है।

लागत सुनकर ढोल जाता है ईमान
कान्हा आश्रय के निर्माण की लागत सुनकर अधिकारियों का ईमान डोल जाता है। यही कारण है कि अधिकारियों द्वारा कांजी हाउस निर्माण में विलंब किया जा रहा है। कहीं न कहीं यह सब कमीशन खोरी का मामला है।
- सुनील पटैरिया, गौ सेवा मंडल अध्यक्ष।

डीएम की स्वीकृति पर अटका मामला
नगर पंचायत तालबेहट क्षेत्र में कांजी हाउस का निर्माण कराने के लिए बोर्ड फंड से करीब दो एकड़ जमीन खरीदने के लिए तैैयारी कर ली गई है। तीन जगह चिह्नित की गई हैं, अब केवल जिलाधिकारी से अनुमति लेने की देरी है। जमीन खरीदने के लिए विज्ञापन निकाला गया था, कम दरों पर ही जमीन खरीदी जा रही है।
विज्ञापन

- मुक्ता सोनी, अध्यक्ष, नगर पंचायत तालबेहट


दुर्घटनाओं की बलि चढ़ रहे अन्ना पशु
बरसात में गौ-वंश पक्की सड़कों पर विचरण करने लगते हैं। ऐसे में दुर्घटनाएं में उनकी जान तक चली जाती है। बीते 10 जून को मड़ावरा क्षेत्र में मदनपुर मार्ग पर ग्राम बम्हौरी कलां में पांच गौ-वंश को एक ट्राला रौंदता चला गया था। बाद में सभी की मौत हो गई थी। बीते वर्ष बरसात के मौसम ढाई सौ से अधिक गौ-वंशों की अलग-अलग दुर्घटनाओं में मौतें हुई थीं। गौ-सेवा मंडल ने जिलाधिकारी को संबोधित ज्ञापन एडीएम को सौंपा है। इसमें उन्होंने मांग की है कि नगर पालिका द्वारा सुरई मुक्तिधाम में स्थित विभागीय जमीन पर जो कांजी हाउस का निर्माण कार्य कराया जा रहा था, उसको दोबारा शुरू कराया जाए। तालबेहट में भी कांजी हाउस के निर्माण के लिए जमीन उपलब्ध कराने की मांग की है। इस दौरान प्रदेश अध्यक्ष योगेश द्विवेदी, अध्यक्ष सुनील पटैरिया, जितेंद्र, मनीष दुबे, बृजेश, अनिल समेले, रामकुमार पुरोहित, दीपक त्रिपाठी आदि उपस्थित रहे।


- डीएम ने मुक्तिधाम की जमीन पर बन रहे कांजी हाउस का काम रोका
- अब तक निर्माण में खर्च हो चुकी है रकम, पहले दी थी बनाने की मंजूरी
- गौ सेवा मंडल ने काम दोबारा शुरू कराने की मांग उठाई, ज्ञापन सौंपा
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें